जमुई/बिहार। बेटियों के जन्म को लेकर समाज में बदलती सोच की एक खूबसूरत तस्वीर जमुई जिला अंतर्गत गिद्धौर प्रखंड के गंगरा गांव से सामने आई है। यहां एक परिवार ने नवजात बेटी के जन्म को लेकर ऐसा उत्सव मनाया कि यह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया। बेटी को अस्पताल से घर लाने के लिए पिता और दादा 10 गाड़ियों के काफिले और डीजे के साथ जमुई सदर अस्पताल पहुंचे। इस दौरान परिवार में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
15 सितंबर को घर में आई नन्ही परी
गंगरा गांव निवासी अमित कुमार सिंह के घर 15 सितंबर को बेटी ने जन्म लिया। जमुई सदर अस्पताल में बच्ची के जन्म की खबर मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। बेटी के जन्म को यादगार बनाने के लिए पिता अमित कुमार सिंह और दादा दिलीप सिंह ने उसके स्वागत की खास तैयारी की।
परिवार ने तय किया कि नन्ही बेटी को अस्पताल से सामान्य तरीके से नहीं, बल्कि पूरे उत्सव के साथ घर लाया जाएगा।
डीजे की धुन पर अस्पताल पहुंचा काफिला
23 सितंबर की देर शाम पिता और दादा करीब 10 गाड़ियों के काफिले के साथ जमुई सदर अस्पताल पहुंचे। काफिले में डीजे भी शामिल था और गाड़ियों को गुब्बारों से सजाया गया था। माहौल कुछ ऐसा था मानो परिवार किसी खास बारात के साथ अस्पताल पहुंचा हो।
गिद्धौर बाजार से होते हुए जब यह काफिला जमुई की ओर बढ़ा तो रास्ते में लोगों की नजरें भी इस अनोखे जश्न पर टिक गईं। सदर अस्पताल पहुंचने के बाद परिवार के सदस्यों ने खुशी के बीच नवजात को अपने साथ लिया और उत्साहपूर्वक घर के लिए रवाना हुए।
‘आरोही’ नाम से पुकारेगी दुनिया
परिजनों ने नवजात बेटी का नाम ‘आरोही’ रखा है। बेटी के जन्म पर खुशी जाहिर करते हुए पिता अमित कुमार सिंह और दादा दिलीप सिंह ने कहा कि उनके घर लक्ष्मी का आगमन हुआ है। उन्होंने कहा कि बेटी किसी भी मायने में बेटे से कम नहीं है और परिवार के लिए उसका जन्म बेहद खुशी का अवसर है।
बेटी के स्वागत के बहाने समाज को संदेश
गंगरा में हुआ यह आयोजन सिर्फ एक परिवार की खुशी तक सीमित नहीं रहा। नवजात बेटी के स्वागत के इस अंदाज ने बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच और समानता का संदेश भी दिया। परिवार की ओर से जिस तरह बेटी के जन्म को उत्सव के रूप में मनाया गया, उससे यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि बेटियां परिवार की खुशियों का अभिन्न हिस्सा हैं।
परिजनों का कहना है कि ‘आरोही’ का स्वागत केवल एक बेटी के घर आने का उत्सव नहीं, बल्कि समाज में बदलती सोच का प्रतीक भी है। उनका उद्देश्य है कि बेटी के जन्म को लेकर हर परिवार में खुशी और गर्व का भाव पैदा हो।
क्षेत्र में चर्चा का विषय बना अनोखा स्वागत
गंगरा गांव से सामने आई बेटी के स्वागत की यह तस्वीर इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। 10 गाड़ियों का काफिला, डीजे और गुब्बारों से सजा स्वागत समारोह लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। परिवार की इस पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि बेटियों के जन्म को भी उतनी ही खुशी और सम्मान के साथ मनाया जा सकता है, जितना बेटे के जन्म को लेकर मनाया जाता है।
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