वाराणसी की खौफनाक चाय! महिला यात्री को बेहोश कर सोने का चेन उड़ाने वाले दंपती को CIB ने दबोचा

वाराणसी/उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और व्यस्ततम रेलवे जंक्शनों में शुमार बनारस रेलवे स्टेशन पर पिछले कुछ दिनों से यात्रियों को नशीली चाय पिलाकर उन्हें बेहोश करने और फिर उनके कीमती सामान, आभूषण व नकदी पर हाथ साफ करने वाले एक चालाक जोड़े को अंततः कानून के लंबे हाथ ने जा लिया। यह सफलता सीआईबी वाराणसी, जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम को तब मिली, जब वे लगातार स्टेशन परिसर में सीसीटीवी फुटेज और मानवीय सूचनाओं के आधार पर इस सरगर्म गिरोह की तलाश में जुटी हुई थीं। इस संयुक्त अभियान की कमान सीआईबी वाराणसी के हाथों में थी, और उनकी सतर्कता ने इस खतरनाक जोड़े को रंगे हाथों पकड़ने में महती भूमिका निभाई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रामदयाल मिश्रा (आयु 29 वर्ष) और उसकी पत्नी ज्योति (आयु 24 वर्ष) के रूप में हुई है, जो वाराणसी जिले के थाना मिर्जामुराद, भोरकला गाँव के मूल निवासी हैं। यह दंपत्ति स्टेशन के प्लेटफार्मों पर आम यात्रियों के बीच घुल-मिल जाता था, विशेषकर अकेली सफर करने वाली महिलाओं और बुजुर्गों को अपना निशाना बनाता था। उनकी कार्यशैली बेहद ही निर्मम और चालाकी भरी थी – पहले वे पीड़ितों का विश्वास जीतते, फिर नशीली दवाओं से युक्त चाय पिलाते और जैसे ही यात्री बेहोश होता, उसके सामान, गहने और मोबाइल उठाकर फरार हो जाते।

इस बड़ी कार्रवाई के दौरान टीम ने आरोपियों के कब्जे से कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं, जो उनके अपराधों को साफ उजागर करते हैं। बरामदगी की सूची में एक ओप्पो कंपनी का चोरी हुआ मोबाइल फोन, तीन हज़ार एक सौ अस्सी रुपये की नकदी, अत्यधिक खतरनाक नशीली गोलियों के रूप में ATIVAN 1 MG की 18 गोलियाँ, ATIVAN 2 MG की 27 गोलियाँ, और दो खुले पैकेट भुजिया नमकीन शामिल हैं, जिनका उपयोग वे यात्रियों को चाय में मिलाकर नशीला प्रभाव पैदा करने के लिए करते थे। ये दवाइयाँ मानसिक और शारीरिक रूप से अचेत करने वाली होती हैं, जिनके सेवन से इंसान कुछ देर के लिए पूरी तरह बेसुध हो जाता है, जिसका फायदा उठाकर आरोपी अपनी गिरफ्तारी से बचते हुए वारदातों को अंजाम देते थे।

पुलिस पूछताछ के दौरान सामने आया कि इस जोड़े ने 13 जून, 2026 को बनारस रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर एक अकेली महिला यात्री को अपना शिकार बनाया था। उन्होंने उसे दोस्ताना अंदाज में चाय पिलाई, जिसमें यह घातक नशीली दवा मिली हुई थी, और महिला के बेहोश होते ही उसका सोने का चेन और हैंडबैग चुरा लिया। उसी घटना से बरामद मोबाइल फोन और नकदी जुड़ी हुई है। हालाँकि, सोने की चेन की बिक्री महाराजगंज के एक सराफा व्यापारी को कर दी गई थी, और अब पुलिस उस व्यापारी से भी पूछताछ करने और चेन की बरामदगी के लिए दबिश देने की तैयारी कर रही है।

पुलिस को यह भी पता चला है कि आरोपी युगल इसी प्रकार की कई और अघोषित वारदातों को अंजाम दे चुका है, और गिरफ्तारी के समय वे फिर से किसी निरीह यात्री पर हाथ साफ करने की फिराक में स्टेशन पर ही डेरा डाले हुए थे। लेकिन उनकी यह साजिश संयुक्त टीम के सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण सफल नहीं हो पाई। अब पुलिस इस बात की भी जाँच कर रही है कि कहीं इस दंपत्ति का कोई और साथी या गिरोह तो नहीं है, जो उन्हें नशीली दवाइयाँ उपलब्ध करवाता था या चोरी के माल को बेचने में उनकी सहायता करता था।

इस मामले के उजागर होने के बाद रेलवे प्रशासन और पुलिस ने यात्रियों से एक बार फिर अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा दिए गए खाने-पीने की चीज़, विशेषकर चाय, कॉफी या पानी, को कभी भी स्वीकार न करें। स्टेशनों पर या ट्रेनों में यात्रा के दौरान यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे या कोई अजनबी अत्यधिक परिचित होने की कोशिश करे, तो तुरंत नजदीकी रेलवे पुलिस या आरपीएफ को 24 घंटे चलने वाले हेल्पलाइन नंबरों पर सूचित करें। सुरक्षा एजेंसियों की यह संयुक्त कार्रवाई निश्चित रूप से अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है, फिर भी यात्रियों की सावधानी ही उन्हें इन खतरनाक करतबों से बचा सकती है। इस पूरे मामले में पुलिस ने सभी पहलुओं पर बारीकी से अध्ययन प्रारंभ कर दिया है, ताकि आने वाले दिनों में बनारस जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों को इस प्रकार के अपराधों से मुक्त किया जा सके।
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