सस्ते सोने का झांसा देकर इजरी गांव बुलाया, मारपीट कर नकदी लूटने का आरोप; DIG के निर्देश पर तीन आरोपी गिरफ्तार
जौनपुर | 26 अगस्त 2026
जौनपुर के जलालपुर इलाके में व्यापारी से हुई 3 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस महकमे पर भी कार्रवाई हुई है। शिकायत मिलने के बाद समय से कदम नहीं उठाने और जांच में लापरवाही के आरोप में पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें एक उप निरीक्षक, तीन मुख्य आरक्षी/आरक्षी और एक कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हैं।
मामले में DIG वाराणसी परिक्षेत्र वैभव कृष्ण के निर्देश के बाद पुलिस ने तेजी दिखाई और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से लूटी गई रकम और एक वाहन भी बरामद होने की बात पुलिस ने कही है।
सस्ते सोने का लालच पड़ा भारी
शकरमंडी निवासी व्यापारी आकाश सेठ के मुताबिक, उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कम कीमत में सोना दिलाने का प्रस्ताव आया था। ऑफर के झांसे में आकर वह अपने दोस्त के साथ 3 लाख रुपये लेकर इजरी गांव पहुंचा।
आरोप है कि वहां अजय सिंह उर्फ पिंटू, शुभम सिंह और इंद्रजीत सरोज सहित कुछ अन्य लोगों ने व्यापारी के साथ मारपीट की। इसके बाद उससे 3 लाख रुपये छीन लिए गए और जान से मारने की धमकी देकर मौके से भगा दिया गया।
थाने में नहीं हुई समय पर कार्रवाई
पीड़ित ने 25 अगस्त की शाम DIG वाराणसी परिक्षेत्र के CUG नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। DIG ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जलालपुर पुलिस को घटना का सत्यापन करने और तत्काल कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
जांच के दौरान पता चला कि थाने के संबंधित जांचकर्ता उप निरीक्षक ने पीड़ित की शिकायत पर समय से मुकदमा दर्ज नहीं कराया। आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने की बात भी सामने आई।
DIG के निर्देश पर कराई गई जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद 26 अगस्त को जलालपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
तीन आरोपियों पर कसा शिकंजा
पुलिस ने मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान—
अजय सिंह उर्फ पिंटू निवासी इजरी,
शुभम सिंह निवासी इजरी और
इंद्रजीत सरोज निवासी निहालापुर, केराकत
के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 3 लाख रुपये की नकदी और UP65CF1241 नंबर का वाहन बरामद किया गया है। मामले में शामिल एक अन्य आरोपी की भूमिका की जांच जारी है।
लापरवाही पर पांच पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद विभाग ने जिम्मेदारी तय की है। एक उप निरीक्षक, तीन मुख्य आरक्षी/आरक्षी और एक कंप्यूटर ऑपरेटर समेत कुल पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
DIG वैभव कृष्ण ने निर्देश दिया है कि अपराध से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई में देरी या लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं होगी। पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में साफ संदेश है कि अपराधियों पर कार्रवाई के साथ शिकायतों की अनदेखी करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी विभाग सख्ती से कार्रवाई करेगा।
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