प्रयागराज/अयोध्या/उत्तर प्रदेश, 17 अगस्त। सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी का विशेष संयोग होने के कारण उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और अयोध्या में सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। बारिश के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं रही। कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद शिवालयों में जलाभिषेक किया और नाग देवता की पूजा-अर्चना की।
दशाश्वमेध घाट पर कांवड़ियों की भीड़
प्रयागराज के दशाश्वमेध घाट पर भोर से ही कांवड़ियों और शिवभक्तों की भीड़ जुटने लगी। घाट पर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने गंगा जल भरा और कांवड़ लेकर विभिन्न शिवालयों की ओर रवाना हुए।
कांवड़ियों ने घाटों पर प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं को बेहतर बताया। उनका कहना था कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद व्यवस्था संतोषजनक रही।
नागवासुकी मंदिर में उमड़ी भीड़
नाग पंचमी के अवसर पर दारागंज स्थित प्रसिद्ध नागवासुकी मंदिर में भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। ब्रह्म मुहूर्त से ही भक्त लंबी कतारों में खड़े नजर आए। श्रद्धालुओं ने नाग देवता को दूध, जल और पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की। कई लोगों ने कालसर्प दोष और ग्रह बाधाओं से मुक्ति की कामना के साथ विशेष अनुष्ठान भी किए।
गंगा तट पर स्थित इस प्राचीन मंदिर को धार्मिक मान्यताओं में नागों के राजा भगवान वासुकी से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन यहां पूजा-दर्शन करने से सर्प दोष और कालसर्प दोष जैसी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
एक श्रद्धालु ने बताया कि सुबह करीब 4:30 बजे से ही मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे थे। वहीं महिला श्रद्धालुओं ने भी सावन सोमवार और नाग पंचमी के एक साथ पड़ने को विशेष अवसर बताते हुए मंदिर में पूजा की।
अयोध्या में नागेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक
उधर, अयोध्या में भी सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी को लेकर भक्तों में खास उत्साह रहा। सिद्ध पीठ नागेश्वरनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिर और आसपास के क्षेत्र में भोलेनाथ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
सिद्धार्थनगर से पहुंची एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि उन्होंने सुबह स्नान करने के बाद बाबा के जलाभिषेक के लिए कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार किया। भीड़ अधिक होने के कारण दर्शन में समय जरूर लगा, लेकिन व्यवस्था के बीच उन्होंने शांतिपूर्वक जलाभिषेक किया।
आस्था के रंग में रंगे दोनों तीर्थ
सावन सोमवार और नाग पंचमी के एक साथ पड़ने से प्रयागराज और अयोध्या दोनों धार्मिक नगरी में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। गंगा घाटों से लेकर मंदिरों तक हर ओर पूजा-अर्चना, कांवड़ यात्रा और शिवभक्ति का माहौल नजर आया। श्रद्धालुओं ने इसे भगवान शिव की आराधना और नाग देवता की पूजा का विशेष अवसर बताते हुए सुख-समृद्धि की कामना की।
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