CMO की एडवाइजरी- बुखार, खांसी या गले में खराश को न करें नजरअंदाज; संदिग्ध मरीजों की होगी निगरानी
वाराणसी | 30 अगस्त 2026
वाराणसी में स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लुएंजा-ए (H1N1) को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात बढ़ा दी है। संभावित संक्रमण से निपटने और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए जिले के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट किया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.पी. सिंह ने जिला स्तरीय अस्पतालों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी बेड उपलब्ध रखने और H1N1 के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही लक्षण वाले मरीजों की जल्द पहचान, जांच और इलाज के साथ गंभीर स्थिति में समय पर रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
किन लक्षणों पर तुरंत सावधान हों?
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक H1N1 एक संक्रामक श्वसन रोग है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बोलने के दौरान निकलने वाली बूंदों से फैल सकता है।
इन लक्षणों पर नजर रखें—
• बुखार
• खांसी और गले में दर्द/खराश
• नाक बहना या बंद होना
• सिरदर्द
• शरीर में दर्द
• ज्यादा थकान और कमजोरी
• कुछ मामलों में उल्टी या दस्त
बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों में लक्षण दिखाई देने पर स्वास्थ्य विभाग ने जल्द डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है।
संक्रमण से बचने के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से रोजमर्रा की सावधानियों को अपनाने की अपील की है—
- खांसते और छींकते समय नाक-मुंह ढकें।
- हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं।
- बुखार या खांसी होने पर भीड़भाड़ से दूरी बनाएं।
- संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचें।
- इस्तेमाल किया हुआ टिश्यू खुले में न छोड़ें।
- आराम के साथ पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं न लें।
संदिग्ध मरीजों का डेटा पोर्टल पर होगा अपडेट
स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित स्वास्थ्य इकाइयों को लक्षणयुक्त मरीजों की जानकारी निर्धारित पोर्टल पर समय से दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इससे जिले में H1N1 की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और जरूरत पड़ने पर समय रहते कदम उठाए जा सकेंगे।
‘घबराएं नहीं, लेकिन लापरवाही भी न करें’
CMO डॉ. एन.पी. सिंह ने लोगों से अपील की है कि H1N1 के लक्षण दिखाई देने पर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन बीमारी को हल्के में भी न लें। समय पर चिकित्सकीय सलाह लें और सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों पर भरोसा न करें।
स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि साफ-सफाई, सावधानी और समय पर उपचार के जरिए संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सकता है।



