नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने हर वार्ड में नोडल अफसर लगाए, दो घंटे तक होगी सफाई व्यवस्था की पड़ताल; गंदगी और लापरवाही मिली तो कार्रवाई तय
वाराणसी | नगर निगम
काशी की सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम ने निगरानी का दायरा और सख्त कर दिया है। अब वार्डों में सफाई की स्थिति की जिम्मेदारी सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वरिष्ठ अधिकारी खुद सुबह-सुबह मौके पर पहुंचकर व्यवस्था की पड़ताल करेंगे।नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सभी वार्डों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया है। ये अधिकारी रोजाना अपने-अपने वार्डों में पहुंचकर सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं की जमीनी स्थिति जांचेंगे।
सुबह 7 से 9 बजे तक होगा निरीक्षण
नोडल अधिकारियों को प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 9 बजे तक वार्डों का स्थलीय निरीक्षण करना होगा। निरीक्षण के दौरान सफाई कर्मियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति की जांच की जाएगी।
अफसरों को निरीक्षण की अद्यतन जियोटैग फोटो आधिकारिक ग्रुप में भेजनी होगी। इससे वार्ड में सफाई की स्थिति और निरीक्षण दोनों की निगरानी की जाएगी।
सड़क पर कूड़ा मिला तो तत्काल उठेगा
नगर निगम ने सड़कों, गलियों, बाजारों, मुख्य मार्गों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई पर विशेष जोर दिया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि डस्टबिन भरने या कूड़ा सड़क पर फैलने का इंतजार न किया जाए।
नाला-नालियों की सफाई के बाद निकलने वाली सिल्ट को भी सड़क किनारे छोड़ने के बजाय निर्धारित स्थान तक पहुंचाने को कहा गया है।
कूड़ा हॉटस्पॉट पर होगी अतिरिक्त निगरानी
जिन स्थानों पर बार-बार कूड़ा जमा होता है, उन्हें कूड़ा संवेदनशील क्षेत्र और हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित कर अतिरिक्त निगरानी की जाएगी।
नोडल अधिकारी सफाई व्यवस्था के साथ स्ट्रीट लाइट, पेयजल, सार्वजनिक शौचालय और कूड़ा उठान जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी जांचेंगे।
लापरवाही पर अधिकारी-कर्मचारी दोनों रडार पर
नगर निगम ने साफ कर दिया है कि सफाई व्यवस्था में लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। सफाई कर्मी अनुपस्थित मिले या किसी इलाके में बार-बार गंदगी मिलने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
इसके अलावा जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कराने और शिकायत के समाधान का मौके पर सत्यापन कराने पर भी जोर दिया गया है।
अब कागजी रिपोर्ट नहीं, मौके की तस्वीर बताएगी हाल
नगर निगम की नई व्यवस्था का उद्देश्य सफाई व्यवस्था की रियल टाइम और जमीनी निगरानी करना है। सुबह के दो घंटे में होने वाले निरीक्षण से यह पता चलेगा कि वार्ड में सफाई कितनी नियमित है, कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं या नहीं और नागरिकों की शिकायतों का वास्तव में कितना असरदार समाधान हो रहा है।
काशी को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी अब सिर्फ सफाई कर्मचारियों की नहीं—अफसरों को भी रोज मैदान में उतरकर अपनी निगरानी का हिसाब देना होगा।



