जमुई/बिहार। जिलांतर्गत खैरा प्रखंड के मांगोबंदर गांव से रविवार को नेचर विलेज के संस्थापक सह पूर्व सीओ निर्भय प्रताप सिंह के नेतृत्व में राष्ट्र गुणगान यात्रा निकाली गई। तिरंगे के सम्मान में आयोजित इस यात्रा में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, युवा, बच्चे और बुद्धिजीवी वर्ग शामिल हुए।
यात्रा की शुरुआत मांगोबंदर से हुई और टिहिया, डेहरीडीह, बागाखाड़ होते हुए कागेसर तक पहुंची। हाथों में तिरंगा थामे लोगों ने जोश और देशभक्ति के नारों के साथ यात्रा को जीवंत बना दिया।
तिरंगे से मिलती है राष्ट्रप्रेम और एकता की प्रेरणा
यात्रा का नेतृत्व कर रहे निर्भय प्रताप सिंह ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि हमारे गर्व और गौरव का प्रतीक है। यह हमें राष्ट्रप्रेम की भावना से जोड़ता है, एकता और अखंडता के सूत्र में बांधता है और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि तिरंगे के सम्मान में निकाली गई किसी भी यात्रा को रोकने का किसी भी व्यक्ति या संस्था को अधिकार नहीं है। यदि कोई ऐसा करता है तो वह राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्तता का प्रमाण देता है।
निर्भय प्रताप सिंह ने आगे कहा कि तिरंगा हमें समानता और स्वतंत्रता का बोध कराता है। यह हमें याद दिलाता है कि हम एक स्वतंत्र राष्ट्र के नागरिक हैं और हमें ऊंची उड़ान भरने का अधिकार है। साथ ही यह ध्वज हमें हमारे कर्तव्यों का बोध भी कराता है और बताता है कि देश के विकास में हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
नई पीढ़ी को तिरंगे का महत्व बताना आवश्यक
पूर्व सीओ ने कहा कि यदि भारत को विश्वगुरु बनाना है तो हमें देश की नई पीढ़ी को तिरंगे के महत्व से परिचित कराना होगा। उन्हें यह समझाना होगा कि तिरंगे का सम्मान करना केवल देशभक्ति ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है।
स्वतंत्रता सेनानी को दी श्रद्धांजलि
यात्रा की शुरुआत से पहले मांगोबंदर स्थित स्वतंत्रता सेनानी स्व. जगदीश लोहार के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद पूरे उत्साह और उमंग के साथ राष्ट्र गुणगान यात्रा का शुभारंभ हुआ।
यात्रा में शामिल लोगों के चेहरों पर देशभक्ति का जोश साफ झलक रहा था। हर कोई तिरंगे के सम्मान में अपनी भागीदारी को लेकर गर्वित महसूस कर रहा था।
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