रायबरेली/उत्तर प्रदेश। जिले के महाराजगंज नगर पंचायत क्षेत्र में दूषित पेयजल की आपूर्ति को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पंचायत द्वारा संचालित नलकूप से निकलने वाले पानी में कीड़े पाए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्रवासियों में भय और असंतोष का माहौल है। लोगों का कहना है कि इसी पानी का उपयोग पीने और घरेलू कार्यों में किया जा रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, कई दिनों से पानी की गुणवत्ता खराब बनी हुई है। जब नल से पानी निकला तो उसमें कीड़े दिखाई दिए, जिसके बाद लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। दूषित पानी के सेवन से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी जताई जा रही है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर लोग चिंतित हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार मौके पर पहुंचे और नलकूप व जलापूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से शुद्ध और सुरक्षित पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। साथ ही दूषित जलापूर्ति के कारणों की जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही।
प्रशासन की ओर से भरोसा दिलाया गया है कि जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा और पानी की नियमित जांच कराई जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो। फिलहाल नगर पंचायत महाराजगंज के लोग स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता की मांग को लेकर प्रशासन से त्वरित और स्थायी समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं।
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