जयपुर/राजस्थान। राजस्थान की धरती से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जो यह साबित करती है कि सच्चा प्यार शब्दों और आवाज़ का मोहताज नहीं होता। जयपुर के आकाश और धौलपुर की मुस्कान दोनों न सुन सकते हैं और न बोल सकते हैं फिर भी इनके दिलों की धड़कनों ने एक-दूसरे की भावनाओं को बखूबी समझ लिया। आंखों की भाषा और इशारों के सहारे शुरू हुई यह दोस्ती अब विवाह के पवित्र बंधन तक पहुंचने जा रही है। दोनों 19 फरवरी को सात फेरे लेकर जीवनभर साथ निभाने का वचन देंगे।
सोशल मीडिया से शुरू हुई कहानी
आकाश और मुस्कान की मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई। शुरुआत में चैट के माध्यम से बातचीत हुई, जो धीरे-धीरे गहरी दोस्ती में बदल गई। भले ही दोनों बोल और सुन नहीं सकते, लेकिन मोबाइल स्क्रीन पर उंगलियों की हलचल ने दिलों के दरवाजे खोल दिए। कुछ मुलाकातों के बाद दोनों ने महसूस किया कि वे एक-दूसरे के लिए ही बने हैं।
खेल और कला ने जोड़े दिल
आकाश एक बैडमिंटन खिलाड़ी हैं और मेडलिस्ट भी रह चुके हैं। खेल के प्रति उनका जुनून और सादगी भरा स्वभाव मुस्कान को बेहद पसंद आया। वहीं मुस्कान ने भी अपनी भावनाओं का इजहार शब्दों से नहीं, बल्कि रंगों से किया। वह पेंटिंग बनाकर अपने दिल की बात कैनवास पर उतारती रहीं। उनकी बनाई तस्वीरों में प्यार, भरोसा और साथ जीने के सपने साफ झलकते हैं।
इशारों में समझते हैं हर एहसास
दोनों के बीच संवाद का माध्यम सांकेतिक भाषा और आंखों के इशारे हैं। एक-दूसरे की खुशी, नाराजगी, तकलीफ और सपनों को वे बिना बोले ही समझ लेते हैं। परिवार वालों का भी इस रिश्ते को पूरा समर्थन मिला, जिससे उनका हौसला और मजबूत हुआ।
वैलेंटाइन के बाद जीवनभर का साथ
करीब एक साल की दोस्ती और समझदारी के बाद अब यह जोड़ा वैलेंटाइन-डे के पांच दिन बाद, 19 फरवरी को शादी के बंधन में बंधने जा रहा है। परिवार और करीबी लोगों की मौजूदगी में दोनों सात फेरे लेंगे और नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे।
आकाश और मुस्कान की यह कहानी समाज को एक खूबसूरत संदेश देती है अगर दिल सच्चे हों तो न शब्दों की जरूरत होती है, न आवाज़ की। प्यार बस महसूस किया जाता है, समझा जाता है और निभाया जाता है।
Tags:
National


