केंद्र सरकार का बड़ा निर्णय, ‘वंदे मातरम’ को ‘जन गण मन’ के समान संवैधानिक दर्जा देने की तैयारी

नई दिल्ली। देश की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले में केंद्र सरकार ने ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समकक्ष संवैधानिक दर्जा देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। Union Cabinet की हालिया बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। सरकार अब इस संबंध में Prevention of Insults to National Honour Act में संशोधन लाने की तैयारी कर रही है, ताकि ‘वंदे मातरम’ के सम्मान और संरक्षण को कानूनी मजबूती दी जा सके।

प्रस्तावित संशोधन के तहत ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने पर सख्त दंड का प्रावधान किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, इस तरह के मामलों में दोषी पाए जाने पर अधिकतम तीन वर्ष तक की सजा या जुर्माना, अथवा दोनों हो सकते हैं। इसके साथ ही सभी सरकारी कार्यक्रमों, आधिकारिक समारोहों और राष्ट्रीय आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ का गायन या वादन अनिवार्य किए जाने की भी बात कही जा रही है।

‘वंदे मातरम’, जिसे Bankim Chandra Chattopadhyay ने रचा था, स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशभक्ति का प्रमुख प्रतीक रहा है। वहीं ‘जन गण मन’, जिसे Rabindranath Tagore ने लिखा, वर्तमान में भारत का आधिकारिक राष्ट्रगान है। सरकार के इस कदम को दोनों रचनाओं को समान सम्मान देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक वर्गों में चर्चा तेज हो गई है। कुछ विशेषज्ञ इसे राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव को मजबूत करने वाला कदम मान रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग इसे संवैधानिक और व्यावहारिक पहलुओं के आधार पर बहस का विषय बता रहे हैं।

सरकार की ओर से अभी इस पर विस्तृत अधिसूचना जारी की जानी बाकी है, लेकिन कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह मामला संसद में विधेयक के रूप में पेश किया जा सकता है। आने वाले दिनों में इस प्रस्ताव पर देशव्यापी बहस और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज होने की संभावना है।

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