Shahjahanpur: सात फेरे के सात दिन भी पूरे न हो सके! सड़क हादसे में दुल्हन की मौत, पति ने नम आंखों से दी मुखाग्नि

शाहजहांपुर/उत्तर प्रदेश। शादी के मंडप में लिए गए सात फेरों की कसमें अभी ताज़ा ही थीं, हाथों की मेहंदी भी पूरी तरह फीकी नहीं पड़ी थी कि किस्मत ने एक नवविवाहित जोड़े की खुशियों को पल भर में उजाड़ दिया। रॉविल और कल्पना ने महज़ पांच दिन पहले ही पूरे रीति-रिवाज के साथ एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया था। शादी की खुशियों में डूबे इस जोड़े ने साथ जीने-मरने की कसमें खाईं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

शादी के बाद दोनों को साथ बिताने के लिए सिर्फ दो दिन ही मिल सके। इसके बाद एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कल्पना को हमेशा के लिए रॉविल से छीन लिया। शुक्रवार का दिन उस नवविवाहित पति के लिए सबसे कठिन साबित हुआ, जब उसे अपनी ही दुल्हन को मुखाग्नि देनी पड़ी।

अंतिम संस्कार के दौरान कल्पना को उसी तरह सजाया गया, जैसे एक नई नवेली दुल्हन को सजाया जाता है। उसे लाल जोड़ा पहनाया गया और पूरे सोलह श्रृंगार किए गए। इस दौरान पति रॉविल खुद को संभाल नहीं सका और उसकी आंखों से लगातार आंसू बहते रहे। यह मार्मिक दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं और माहौल गमगीन हो उठा।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर शाहजहांपुर में एक भीषण सड़क हादसा हुआ। कल्पना अपने ससुराल लौट रही थी, जब पगफेरे की रस्म के बाद वह कार से वापस आ रही थी। इसी दौरान रास्ते में एक तेज रफ्तार टैंकर ने कार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि मौके पर ही कल्पना सहित चार लोगों, उसकी ननद, बुआ और देवर की मौत हो गई।

सोमवार को चारों मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। जहां कुछ दिन पहले घर में शादी की खुशियां गूंज रही थीं, वहीं अब मातम पसरा हुआ है। हर कोई यही कह रहा है कि किस्मत का यह क्रूर खेल किसी के भी दिल को झकझोर देने वाला है।
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