सहरसा/बिहार। जिले में चल रहे ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और दस्तावेजीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में Saharsa की जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा ने महिषी प्रखंड स्थित स्वर्गीय सदाशिव चौधरी के पुश्तैनी आवास का दौरा किया, जहां प्राचीन पांडुलिपियों का विस्तृत सर्वेक्षण किया गया।
इस दौरान टीम ने घर में सुरक्षित रखी गई दुर्लभ पांडुलिपियों और ऐतिहासिक दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए उनसे संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्र कीं। बताया गया कि इन पांडुलिपियों में क्षेत्र के इतिहास, परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े कई अहम पहलुओं का उल्लेख है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत मूल्यवान साबित हो सकते हैं।
अधिकारियों के अनुसार, ‘ज्ञान भारतम मिशन’ का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों में बिखरी हुई प्राचीन ज्ञान-संपदा को खोजकर उसे संरक्षित करना और डिजिटल माध्यम से सुरक्षित रखना है, ताकि यह धरोहर लंबे समय तक सुरक्षित रह सके और शोध कार्यों में उपयोगी हो।
सर्वेक्षण के दौरान पांडुलिपियों की स्थिति, संरक्षण की आवश्यकता और उनकी ऐतिहासिक महत्ता का भी आकलन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में इन दस्तावेजों को संरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, जिससे इनकी गुणवत्ता और प्रामाणिकता बरकरार रह सके।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इस तरह के प्रयासों से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी। प्रशासन द्वारा आगे भी जिले के विभिन्न स्थानों पर इस तरह के सर्वे अभियान चलाए जाने की योजना है।
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