जमुई/बिहार। जिलांतर्गत लक्ष्मीपुर प्रखंड क्षेत्र के काला गांव स्थित ठाकुरवाड़ी प्रांगण में शुक्रवार को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। राम जानकी मंदिर में प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर आयोजित नौ दिवसीय राम जानकी विवाह महायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत रूप से किया गया। महायज्ञ के आरंभ होते ही पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया और चारों ओर ‘जय श्रीराम’ एवं धार्मिक जयघोषों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
महायज्ञ के प्रथम दिन आयोजित भव्य कलश सह शोभायात्रा में 2100 महिलाओं एवं कन्याओं ने भाग लेकर आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। पीले एवं लाल रंग के पारंपरिक वस्त्रों में सजी महिलाएं सिर पर कलश धारण कर श्रद्धा और उत्साह के साथ पदयात्रा में शामिल हुईं। यह भव्य यात्रा ठाकुरवाड़ी प्रांगण से प्रारंभ होकर पूरे काला गांव का भ्रमण करते हुए जिनहरा-असोता मार्ग से त्रिवेणी घाट पहुंची। वहां वैदिक आचार्य संजय पांडे द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलशों में पवित्र जल भरवाया गया। इसके बाद सभी श्रद्धालु पुनः पदयात्रा करते हुए यज्ञ स्थल तक पहुंचे।
कलश यात्रा के दौरान गांव की सड़कों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतार देखते ही बन रही थी। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और धार्मिक भजनों के बीच निकली यह शोभायात्रा पूरे क्षेत्र को भक्तिमय रंग में रंगती नजर आई। रास्ते भर श्रद्धालु भगवान श्रीराम एवं माता जानकी के जयकारे लगाते रहे, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थानों पर समाजसेवियों एवं ग्रामीणों द्वारा पेयजल, शरबत एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं, जिसकी लोगों ने सराहना की।
इस भव्य धार्मिक आयोजन में जिले के प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं समाजसेवी डा. नीरज साह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने फीता काटकर यज्ञ मंडप का उद्घाटन किया तथा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने आयोजन समिति एवं ग्रामीणों की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता समाज में धार्मिक आस्था की गहरी जड़ों को दर्शाती है।
महायज्ञ को सफल बनाने में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग सराहनीय रहा। आयोजन में हरि बल्लभ यादव, उदय यादव, सुनील यादव, शशि कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। आयोजन समिति द्वारा बताया गया कि नौ दिनों तक चलने वाले इस महायज्ञ में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन, भजन-कीर्तन एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
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