Jamui: झाझा में ओपन जिम और मरीन ड्राइव निर्माण की उठी मांग, सांसद और मंत्री के नाम लिखा ज्ञापन

जमुई/बिहार। झाझा नगर के समग्र विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार तथा पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नगर के जागरूक नागरिक रवीन्द्र केशरी ने जमुई लोकसभा क्षेत्र के सांसद अरुण भारती एवं झाझा विधानसभा क्षेत्र के विधायक सह बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री दामोदर रावत को ज्ञापन सौंपकर दो महत्वपूर्ण जनहितकारी परियोजनाओं को मूर्त रूप देने की मांग की है। इनमें झाझा में आधुनिक ओपन जिम की स्थापना तथा नदी तट के किनारे आकर्षक मरीन ड्राइव के निर्माण की प्रमुख मांग शामिल है।

ज्ञापन में कहा गया है कि झाझा नगर ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टिकोण से जिले का एक महत्वपूर्ण नगर है। यहां अनेक धार्मिक स्थल एवं प्राकृतिक संसाधन मौजूद हैं, जिनके समुचित विकास से न केवल स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं, बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में भी नई संभावनाओं का सृजन हो सकता है।

यक्षराज स्थान और दुर्गा मंदिर के समीप ओपन जिम बनाने की मांग

रवीन्द्र केशरी ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि वर्तमान समय में लोगों के बीच स्वास्थ्य एवं फिटनेस को लेकर जागरूकता बढ़ी है। ऐसे में झाझा के यक्षराज स्थान एवं वैष्णवी दुर्गा मंदिर (पुरानी बाजार) के आसपास आधुनिक एवं निःशुल्क ओपन जिम की स्थापना की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि यहां ओपन जिम का निर्माण होता है तो युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं विद्यार्थियों को नियमित व्यायाम और स्वास्थ्य संवर्धन के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा। इससे लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा मिलेगी तथा युवाओं का रुझान सकारात्मक एवं रचनात्मक गतिविधियों की ओर बढ़ेगा।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि वर्तमान में बड़े शहरों की तर्ज पर छोटे नगरों में भी सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार आवश्यक हो गया है। ओपन जिम जैसी सुविधाएं लोगों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

गणेशी मंदिर नदी तट से पुरानी बाजार तक मरीन ड्राइव बनाने का सुझाव

ज्ञापन में दूसरी महत्वपूर्ण मांग के रूप में झाझा के गणेशी मंदिर नदी तट से लेकर पुरानी बाजार स्थित दुर्गा मंदिर तक एक आकर्षक मरीन ड्राइव के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। रवीन्द्र केशरी ने कहा कि नदी किनारे विकसित किया जाने वाला यह प्रोजेक्ट झाझा नगर को एक नई पहचान प्रदान कर सकता है।

उन्होंने बताया कि यदि नदी तट पर सुव्यवस्थित पैदल पथ, बैठने की व्यवस्था, हरित पट्टी, सजावटी प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जाए तो यह क्षेत्र स्थानीय लोगों के लिए मनोरंजन, सैर-सपाटे और स्वास्थ्य गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सकता है। साथ ही यह बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा।

उनका मानना है कि मरीन ड्राइव का निर्माण झाझा की प्राकृतिक सुंदरता को और अधिक निखारेगा तथा नगर को आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

ज्ञापन में कहा गया है कि मरीन ड्राइव जैसी परियोजनाएं केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि इससे स्थानीय व्यवसाय, छोटे दुकानदारों और स्वरोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलता है। इससे नगर में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

रवीन्द्र केशरी ने कहा कि झाझा में प्राकृतिक एवं धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। आवश्यकता केवल उन्हें योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने की है। यदि इन परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाया जाता है तो झाझा जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।

जनप्रतिनिधियों से सकारात्मक पहल की अपेक्षा

अपने ज्ञापन में उन्होंने सांसद अरुण भारती एवं मंत्री दामोदर रावत से अनुरोध किया है कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इन महत्वपूर्ण विकास योजनाओं पर सकारात्मक पहल की जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों जनप्रतिनिधियों के कुशल नेतृत्व एवं विकासोन्मुखी सोच के कारण इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारना संभव हो सकेगा।

रवीन्द्र केशरी ने कहा कि इन योजनाओं के पूर्ण होने से झाझा के नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, नगर की सुंदरता में वृद्धि होगी तथा झाझा एक विकसित, स्वच्छ और आधुनिक नगर के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा।

ज्ञापन के अंत में उन्होंने "स्वस्थ नागरिक – स्वच्छ एवं सुंदर झाझा – विकसित समाज" का संदेश देते हुए कहा कि झाझा का विकास केवल प्रशासन या जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा संकल्प और सामूहिक दायित्व है।
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