जमुई/बिहार। झाझा प्रखंड के धमना गांव स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन मां दक्षेश्वर काली मंदिर में आयोजित होने वाली वार्षिक सालोनी काली पूजा का शुभारंभ सोमवार की मध्यरात्रि वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य रूप से हो गया। नौ दिवसीय इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत कलश स्थापना के साथ हुई, जिसके बाद पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। पूजा प्रारंभ होते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और मां दक्षेश्वर काली के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
स्थानीय लोगों के अनुसार मां दक्षेश्वर काली मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है और यहां वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। पूजा के दौरान न केवल धमना पंचायत बल्कि आसपास के सात गांवों में भी विशेष धार्मिक अनुशासन का पालन किया जाता है। नौ दिनों तक लोग मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज के सेवन से परहेज करते हुए सात्विक जीवनशैली अपनाते हैं तथा मां काली की आराधना में लीन रहते हैं। इस दौरान पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक और धार्मिक वातावरण बना रहता है।
मंदिर में जमुई जिला ही नहीं बल्कि आसपास के कई जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। भक्त मां दक्षेश्वर काली के चरणों में शीश नवाकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।
मंदिर के यजमान जयनारायण पांडेय ने बताया कि मां दक्षेश्वर काली के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा और विश्वास है। उनका कहना है कि सच्चे मन से मां के दरबार में आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। विशेष रूप से संतान प्राप्ति की कामना लेकर आने वाली महिलाओं के बीच इस मंदिर की विशेष मान्यता है। दूर-दूर से महिलाएं यहां पहुंचकर मां से संतान सुख और परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद मांगती हैं।
वार्षिक पूजा के अवसर पर मंदिर परिसर और उसके आसपास भव्य मेले का भी आयोजन किया गया है, जो श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मेले में बच्चों और युवाओं के मनोरंजन के लिए ब्रेक डांस, तारा मंच, रेल छुक-छुक गाड़ी, विभिन्न प्रकार के झूले तथा कई मनोरंजक साधन लगाए गए हैं। मेले में लगी दुकानों पर खरीदारी करने के लिए भी लोगों की भीड़ उमड़ रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।
धमना पंचायत के मुखिया प्रतीक संतु शर्मा ने बताया कि इस वर्ष पूजा को और भी भव्य स्वरूप देने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि वृंदावन से आए कलाकार नौ दिनों तक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुतियां देंगे, जिससे श्रद्धालुओं को भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। इसके अलावा मां काली की भव्य प्रतिमा के साथ-साथ विभिन्न देवी-देवताओं के आकर्षक एवं विराट स्वरूपों का भी दर्शन कराया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
उन्होंने बताया कि पूजा समिति एवं ग्रामीणों के सहयोग से सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और श्रद्धालु मां दक्षेश्वर काली की आराधना में पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ जुटे हुए हैं। मां के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा धमना क्षेत्र इन दिनों आध्यात्मिक ऊर्जा और धार्मिक उल्लास से सराबोर नजर आ रहा है।
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