पटना कराटे चैंपियनशिप में जमुई के पीयूष ने जीता कांस्य पदक

जमुई/बिहार। जिले के युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा एक बार फिर राज्य स्तर पर चमकी है। पटना स्थित जिला खेल भवन में आयोजित राज्यस्तरीय कराटे चैंपियनशिप में इंस्टीट्यूट ऑफ डायनेमिक मार्शल, जमुई के होनहार खिलाड़ी पीयूष कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने न केवल अपने संस्थान बल्कि पूरे जमुई जिले का नाम रोशन किया है।

प्रतियोगिता में बिहार के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच हुए कड़े मुकाबलों में पीयूष कुमार ने अपनी तकनीकी दक्षता, अनुशासन और आत्मविश्वास का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कई चुनौतीपूर्ण मुकाबलों को पार करते हुए उन्होंने कांस्य पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनकी इस सफलता से खेल प्रेमियों और जिलेवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

पीयूष कुमार, जमुई निवासी पवन बरनवाल के पुत्र हैं। अपनी सफलता पर उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उनके परिवार, प्रशिक्षकों और संस्थान के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने विशेष रूप से अपने गुरु एवं अंतरराष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी पिंटू कुमार यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन, प्रेरणा और निरंतर प्रशिक्षण ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।

गरीब बच्चों और बालिकाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं पिंटू यादव

पीयूष की सफलता के पीछे उनके कोच पिंटू कुमार यादव की वर्षों की मेहनत और समर्पण भी झलकता है। पिंटू कुमार यादव न केवल एक अंतरराष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी हैं, बल्कि समाजसेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। वे वर्षों से आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क कराटे प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। इसके साथ ही वे बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने का कार्य भी कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अब तक वे और उनकी टीम जिले के 10 से अधिक विद्यालयों में जाकर निःशुल्क कराटे एवं सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर चुके हैं। उनका उद्देश्य खेल के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का विकास करना है।

मेहनत, अनुशासन और संघर्ष का मिला पुरस्कार

कोच पिंटू कुमार यादव ने पीयूष कुमार की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पीयूष शुरू से ही एक मेहनती, अनुशासित और संघर्षशील खिलाड़ी रहे हैं। वे नियमित अभ्यास करते हैं और हर प्रतियोगिता को सीखने का अवसर मानते हैं। उन्होंने कहा कि पीयूष की लगन, निरंतर मेहनत और जीत के प्रति सकारात्मक सोच का ही परिणाम है कि उन्होंने राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में पदक हासिल किया।

जिले में खुशी और गर्व का माहौल

पीयूष कुमार की इस उपलब्धि से उनके परिवार, मित्रों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे जमुई के खेल जगत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है। खेल प्रेमियों का मानना है कि यदि खिलाड़ियों को उचित संसाधन और प्रोत्साहन मिलता रहे तो आने वाले समय में जमुई के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं।

पीयूष की सफलता ने जिले के अन्य युवाओं को भी खेलों के प्रति प्रेरित किया है। उनकी यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
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