लखीसराय/बिहार, 22 जून 2026। विश्व वर्षावन दिवस एवं समाजसेवी स्वर्गीय सिंघो तांती की पुण्य स्मृति के अवसर पर चानन प्रखंड के इटौन गांव में पर्यावरण भारती के तत्वावधान में विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देव वृक्ष पीपल के दो, अगस्त के दो तथा कनेल के दो पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश दिया गया। पौधारोपण कार्यक्रम का नेतृत्व शक्ति कुमार महतों ने किया, जबकि वैद्य दीपक कुमार मोदी एवं रणजीत कुमार महतों ने इसमें सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
स्व. सिंघो तांती के सामाजिक योगदान को किया गया याद
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण भारती के संस्थापक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक एवं अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली सदस्य राम बिलास शाण्डिल्य ने स्वर्गीय सिंघो तांती के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे स्वर्गीय मधुसूदन तांती के पुत्र तथा पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। कोलफील्ड में नौकरी करने के बावजूद वे जब भी गांव आते थे, सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेते थे।
उन्होंने बताया कि स्व. सिंघो तांती जरूरतमंद एवं अभावग्रस्त लोगों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते थे। साथ ही गांव के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना उनकी विशेष पहचान थी। ऐसे जनसेवी व्यक्तित्व की पुण्य स्मृति में पौधारोपण करना न केवल उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणादायक कार्य है।
विश्व वर्षावन दिवस का महत्व बताया
इस अवसर पर राम बिलास शाण्डिल्य ने विश्व वर्षावन दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 2017 में पहली बार इस दिवस को मनाने की शुरुआत हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य वर्षावनों के महत्व, जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने में उनकी भूमिका तथा उनके संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
उन्होंने कहा कि वर्षावन पृथ्वी के लिए जीवनदायिनी भूमिका निभाते हैं। ये भारी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर वातावरण को संतुलित रखते हैं तथा वैश्विक तापमान को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। दुनिया के लगभग आधे वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास वर्षावन ही हैं, इसलिए जैव विविधता के संरक्षण में इनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
‘द फॉरेस्ट विदिन यू’ है वर्ष 2026 की थीम
कार्यक्रम में बताया गया कि वर्ष 2026 के विश्व वर्षावन दिवस की थीम “The Forest Within You” अर्थात “आपके भीतर का जंगल” निर्धारित की गई है। यह थीम प्रकृति और मानव जीवन के गहरे संबंध को दर्शाती है तथा प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करती है।
वक्ताओं ने कहा कि प्राकृतिक वनों की रक्षा करना, अंधाधुंध कटाई को रोकना और अधिक से अधिक पौधे लगाना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। अमेजन को दुनिया का सबसे बड़ा वर्षावन बताते हुए उन्होंने कहा कि वर्षावन वर्षा के प्राकृतिक स्रोत होने के साथ-साथ पृथ्वी पर जीवन के संतुलन का आधार हैं।
कई लोगों ने लिया कार्यक्रम में हिस्सा
पौधारोपण कार्यक्रम में शक्ति कुमार महतों, रणजीत कुमार महतों, दीपक कुमार मोदी, निभा कुमारी, राजेश साह, नीशू मोदी, अंकुश, दीपक लहेड़ी, राम बिलास शाण्डिल्य सहित कई पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लिया। सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण एवं प्राकृतिक वनों के संवर्धन का संकल्प लिया।
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