पटना/बिहार। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के प्रचार ने अब पूरी रफ्तार पकड़ ली है। रविवार को आर ब्लॉक, गोरिया मठ, सब्जी मंडी और आसपास के इलाकों में भाजपा प्रत्याशी नितिन नवीन का जनसंपर्क अभियान कुछ अलग ही अंदाज़ में देखने को मिला। पहले आमना सामना हुआ संजय मयूख के टीम से आंखों आंखों में ही बात हुई दोनों ओर से चेहरे पर मुस्कुराहट आई फिर आर ब्लॉक इलाके में जैसे ही नितिन नवीन की नज़र भाजपा के क्रीड़ा प्रकोष्ठ से जुड़े सतीश राजू पर पड़ी, उनका काफिला तुरंत रुक गया। नितिन नवीन ने उन्हें अपने पास बुलाया और वहां मौजूद कई कार्यकर्ताओं को नाम लेकर संबोधित किया। वर्षों पुराने आत्मीय संबंधों की झलक देखकर कार्यकर्ताओं के चेहरे खिल उठे।
कुछ दूरी आगे बढ़ने पर काफिला एक चाय की दुकान पर रुका। वहां मौजूद चाय विक्रेता ने मुस्कुराते हुए कहा, "नवीन बाबू आज भी नहीं बदले हैं। पहले भी जब कोई परेशानी होती थी तो सीधे उनके पास जाता था। आज भी वैसे ही मिलते हैं।"इसी दौरान प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. धर्मेंद्र कुमार का काफिला वहां से गुजरा। गोरिया मठ के पास कृष्ण डेंटल क्लीनिक चलाने वाले डॉ. धर्मेंद्र कुमार चंद्रवंशी समाज में अच्छी पहचान रखते हैं और सैकड़ों मरीज प्रतिदिन उनके यहां आते हैं। वे पहले कुम्हरार विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुके हैं। उन्हें देखकर नितिन नवीन ने मुस्कुराकर अभिवादन किया और काफिला आगे बढ़ गया।
उधर, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह दर्जनों युवाओं के साथ घर-घर जाकर पार्टी का संदेश पहुंचाते नजर आए। वहीं सिवान से आए भाजपा युवा कार्यकर्ता राजीव कुमार तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं की टोली पर्चे बांटते हुए लोगों से भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील कर रही थी।सब्जी मंडी क्षेत्र में डॉ. विनय कुमार सिंह 'बिहारी भैया' भी भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में लोगों से संपर्क करते दिखे। पूरे अभियान के दौरान नितिन नवीन लगातार रुक-रुककर लोगों से मिलते रहे, हाथ जोड़कर अभिवादन करते रहे और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते रहे।
इस बीच एक दिलचस्प दृश्य तब सामने आया जब एक व्यक्ति ने मुस्कुराते हुए पूछा, "उम्मीदवार कहां हैं?" इस पर नितिन नवीन ने भी मुस्कुराकर जवाब दिया—"मैं ही चुनाव लड़ रहा हूं।" यह सुनते ही आसपास मौजूद लोग हंस पड़े और माहौल तालियों व मुस्कान से गूंज उठा।
बांकीपुर की गलियों में चल रहा यह जनसंपर्क अभियान केवल चुनावी प्रचार तक सीमित नहीं दिखा, बल्कि पुराने संबंधों, कार्यकर्ताओं से आत्मीय संवाद और स्थानीय लोगों से सीधे जुड़ाव की तस्वीर भी पेश करता नजर आया। अब देखना होगा कि यह जनसंपर्क अभियान मतदान के दिन वोटों में कितना परिवर्तित होता है।
Tags:
Bihar




