DM ने NDRF, जल पुलिस और अधिकारियों के साथ बनाई रणनीति, हर दो घंटे में होगी गंगा के जलस्तर की समीक्षा
वाराणसी | 20 अगस्त 2026
गंगा के बढ़ते जलस्तर ने वाराणसी जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सर्किट हाउस में पुलिस, NDRF, जल पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक में PPT के माध्यम से संभावित बाढ़ की स्थिति में किए जाने वाले राहत और बचाव कार्यों की पूरी कार्ययोजना अधिकारियों को समझाई गई। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग पहले से तैयार रहें और किसी भी आपात स्थिति में बिना देरी आपसी तालमेल से कार्रवाई करें।
68 मीटर के करीब पहुंचा गंगा का पानी
प्रशासन के मुताबिक गंगा का जलस्तर करीब 68 मीटर तक पहुंच चुका है और करीब 5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। राजघाट पर गंगा का वार्निंग लेवल 70.262 मीटर, डेंजर लेवल 71.262 मीटर और उच्चतम बाढ़ स्तर 73.901 मीटर निर्धारित है।
जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए अधिकारियों को हर स्तर पर निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
46 राहत शिविरों में 7,392 लोगों के ठहरने की क्षमता
संभावित बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए जिले में 46 राहत शिविर तैयार किए गए हैं। सदर तहसील में 37, राजातालाब में 6 और पिंडरा में 3 राहत शिविर बनाए गए हैं।
इन शिविरों में कुल 7,392 लोगों के ठहरने की क्षमता है। इसके अलावा सदर तहसील में 15 अस्थायी राहत शिविर भी तैयार किए गए हैं, जिनकी क्षमता करीब 3,785 लोगों की है।
195 गांव और मोहल्ले संभावित बाढ़ प्रभावित
प्रशासन ने जिले के 195 गांवों और मोहल्लों को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के तौर पर चिह्नित किया है। इनमें सदर तहसील के 150, राजातालाब के 24 और पिंडरा के 21 क्षेत्र शामिल हैं।
बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के लिए जिले में 21 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। इनमें सात वायरलेस बाढ़ चौकियां भी शामिल हैं।
NDRF के साथ जल पुलिस और PAC तैयार
बचाव अभियान के लिए NDRF, PAC और जल पुलिस को अलर्ट रखा गया है। जरूरत पड़ने पर थल सेना और वायु सेना की मदद लेने की व्यवस्था भी की गई है।
प्रशासन के अनुसार नाविकों को अब तक 33,300 लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। राहत शिविरों की जियोटैगिंग पूरी कर वहां नोडल अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
मेडिकल टीम और पशुओं के लिए भी इंतजाम
बाढ़ राहत शिविरों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल टीमों का गठन किया गया है। पशुपालन विभाग ने भी पशुओं के उपचार के लिए चिकित्सकों की टीमें तैयार रखी हैं।
बाढ़ की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा और भूसा उपलब्ध कराने तथा संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए टीकाकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
हर दो घंटे में मिलेगी गंगा के जलस्तर की जानकारी
गंगा के जलस्तर की निगरानी के लिए केंद्रीय जल आयोग से हर दो घंटे में अपडेट लिया जा रहा है। जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय कर दिया गया है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल कंट्रोल रूम और वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई जाए। साथ ही संभावित प्रभावित इलाकों के लोगों को समय रहते जरूरी सूचनाएं और सावधानियां बताई जाएं।
बाढ़ की स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क
0542-2508550
0542-2504170
1077
9140037137
गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच वाराणसी में प्रशासन ने राहत और बचाव तंत्र को सक्रिय कर दिया है। संभावित बाढ़ से निपटने के लिए राहत शिविरों से लेकर बाढ़ चौकियों और बचाव एजेंसियों तक सभी व्यवस्थाओं को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
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