बालनाथ आश्रम के पीठाधीश्वर दंडी स्वामी श्री रामेश्वर जी महाराज ब्रह्मलीन, शिष्यों में शोक की लहर

मिर्जापुर/उत्तर प्रदेश (Mirzapur/Uttar Pradesh), देसी खबर (Desi Khabar), 8 अगस्त 2026, शनिवार : विंध्य पर्वत श्रृंखला क्षेत्र की तराई में नेवढ़िया अंतर्गत कोटवा स्थित बालनाथ आश्रम के पीठाधीश्वर दंडी स्वामी श्री रामेश्वर जी आश्रम महाराज शनिवार, 8 अगस्त की सुबह ब्रह्मलीन हो गए। उन्होंने अपनी सांसारिक यात्रा को विराम देते हुए महासमाधि ग्रहण की। उनके ब्रह्मलीन होने की खबर से आश्रम सहित उनके शिष्यों, अनुयायियों और भक्तों में शोक की लहर है।

गुरु के रूप में सदैव याद किए जाएंगे
पूज्य दंडी स्वामी श्री रामेश्वर जी महाराज का जीवन आध्यात्मिक साधना, तप, त्याग, सेवा और सद्विचारों के लिए समर्पित रहा। उनका दिव्य सान्निध्य, आध्यात्मिक मार्गदर्शन, असीम कृपा और ज्ञान शिष्यों के लिए अमूल्य धरोहर रहा है। उनके विचार और आध्यात्मिक शिक्षाएं आने वाले समय में भी लोगों को सत्य एवं सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेंगी।

उनका भौतिक स्वरूप भले ही अब भक्तों के बीच नहीं रहा, लेकिन उनके आशीर्वाद, विचार और आध्यात्मिक विरासत सदैव शिष्यों एवं अनुयायियों के हृदय में जीवित रहेंगे।
2023 में बालनाथ आश्रम की गद्दी पर हुए थे विराजमान
ज्ञातव्य हो कि दंडी स्वामी श्री रामेश्वर जी आश्रम महाराज 3 जुलाई 2023 को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बालनाथ आश्रम के पीठाधीश्वर के रूप में गद्दी विराजमान हुए थे। उन्होंने अपने गुरु दंडी स्वामी देवेश्वर जी आश्रम महाराज के ब्रह्मलीन होने के बाद बालनाथ आश्रम की परंपरा को आगे बढ़ाया था।

जलसमाधि की प्रक्रिया जारी
आश्रम से जुड़े भक्तों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पूज्य महाराज के ब्रह्मलीन होने के बाद उन्हें जलसमाधि दी जाएगी। इसके लिए आश्रम परिसर में आवश्यक प्रक्रिया चल रही है। अंतिम संस्कार/जलसमाधि से संबंधित धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के लिए शिष्य एवं अनुयायी जुटे हुए हैं।
कुछ दिनों से थे अस्वस्थ
बताया जाता है कि दंडी स्वामी श्री रामेश्वर जी महाराज डायबिटिक थे। बीते कुछ दिनों से वे टायफाइड सहित अन्य शारीरिक समस्याओं से पीड़ित थे और उनका उपचार चल रहा था। इसी बीच शनिवार सुबह उन्होंने देह त्याग कर महासमाधि ग्रहण कर ली।

पूज्य दंडी स्वामी श्री रामेश्वर जी महाराज के ब्रह्मलीन होने से आध्यात्मिक जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। शिष्यों और भक्तों ने उनके श्रीचरणों में कोटि-कोटि नमन करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है तथा ईश्वर से उनकी पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान देने और सभी अनुयायियों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
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