जमुई/बिहार। जिले के किसान मीठे मक्के (स्वीट कॉर्न) की खेती अपनाकर अपनी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। यह बात कृषि विज्ञान केंद्र, जमुई के अध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने सगुण वाटिका में आयोजित रबी कर्मशाला में किसानों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने मीठे मक्के की खेती की तकनीक, उन्नत प्रजातियों और बाजार में इसकी मांग की जानकारी दी।
डॉ. सिंह ने बताया कि जमुई जिले की बलुई मिट्टी में स्वीट कॉर्न की खेती आसानी से की जा सकती है। इसके लिए खेत में प्रति एकड़ 8 से 10 टन गोबर की खाद डालने तथा नाइट्रोजन 50 किलो, फास्फोरस 25 किलो और पोटाश 15 से 17 किलो तक उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने बेहतर उत्पादन के लिए बेड बनाकर बुवाई करने और प्रति एकड़ लगभग चार किलो बीज की आवश्यकता बताई।
उन्होंने किसानों को शुगर-75, माधुरी, प्रिया, मिठास, मेरिट-4513 और एसबीआई-6881 जैसी प्रजातियों के चयन की जानकारी दी। डॉ. सिंह के अनुसार, प्रति एकड़ लगभग 30 से 32 हजार भुट्टों का उत्पादन प्राप्त हो सकता है। बाजार में इसकी कीमत सामान्य मक्के की तुलना में अधिक मिलती है।
उन्होंने कहा कि उबले हुए मीठे मक्के का एक भुट्टा बाजार में 40 से 50 रुपये तक बिकता है। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। उन्होंने जमुई जिले में स्वीट कॉर्न की खेती को बढ़ावा देने की अपील की।
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