मिर्जापुर/लखनऊ | 29 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक सेवा में अपनी पहचान बनाने वाली पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल अब सियासी पारी शुरू करने जा रही हैं। राजनीति में प्रवेश के ऐलान के बाद उनके संभावित राजनीतिक क्षेत्र को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मिर्जापुर का नाम खास तौर पर इसलिए चर्चा में है, क्योंकि दिव्या मित्तल यहां जिलाधिकारी रह चुकी हैं और जिले से उनका प्रशासनिक जुड़ाव रहा है।हालांकि, अभी तक दिव्या मित्तल ने मिर्जापुर से चुनाव लड़ने या मौजूदा सांसद अनुप्रिया पटेल के खिलाफ मैदान में उतरने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
मिर्जापुर में DM रहते हुए चर्चा में आई थीं
दिव्या मित्तल सितंबर 2022 से सितंबर 2023 तक मिर्जापुर की जिलाधिकारी रही थीं। उनके कार्यकाल में लहुरिया दह गांव तक पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की योजना काफी चर्चा में रही थी। गांव में पानी पहुंचने के बाद उनके ‘जल पूजन’ कार्यक्रम ने भी सुर्खियां बटोरी थीं।
इसके कुछ समय बाद उनका मिर्जापुर से तबादला कर दिया गया था। बाद में उन्हें प्रतीक्षारत भी रखा गया। उनके तबादले को लेकर उस समय राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में अलग-अलग चर्चाएं सामने आई थीं।
तबादले को लेकर कई तरह की चर्चाएं
उस समय कुछ रिपोर्टों में दिव्या मित्तल के तत्कालीन मंत्री आशीष पटेल और उनकी पत्नी एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के साथ कथित मतभेदों का उल्लेख किया गया था। वहीं, कुछ रिपोर्टों में लहुरिया दह के कार्यक्रम को लेकर प्रोटोकॉल से जुड़े सवालों को भी उनके तबादले की चर्चा से जोड़ा गया था।
ऐसे में उनके तबादले की वजह को केवल किसी एक राजनीतिक विवाद से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी में इस संबंध में अलग-अलग दावे सामने आए थे।
अब प्रशासन के बाद राजनीति की राह
29 सितंबर को दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने का ऐलान किया। उन्होंने संकेत दिया कि वह फिलहाल किसी राजनीतिक दल के झंडे के नीचे राजनीति करने के बजाय सीधे लोगों के साथ काम करना चाहती हैं।
उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए यहीं से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने की बात कही है। हालांकि, उन्होंने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह किस राजनीतिक दल के साथ जाएंगी या किस चुनाव क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतरेंगी।
मिर्जापुर कनेक्शन से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
दिव्या मित्तल के राजनीति में आने के बाद मिर्जापुर को लेकर इसलिए भी चर्चा तेज है क्योंकि यहां उनका पुराना प्रशासनिक जुड़ाव रहा है। दूसरी ओर अनुप्रिया पटेल 2024 में मिर्जापुर लोकसभा सीट से लगातार तीसरी बार सांसद निर्वाचित हुई थीं।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या दिव्या मित्तल अपनी राजनीतिक पारी मिर्जापुर से शुरू करेंगी? क्या वह लोकसभा या विधानसभा चुनाव के जरिए सियासत में कदम रखेंगी? फिलहाल इन सवालों का जवाब स्पष्ट नहीं है।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
दिव्या मित्तल की ओर से अभी किसी सीट, चुनाव या उम्मीदवार के तौर पर अपनी दावेदारी को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए अनुप्रिया पटेल के साथ सीधे चुनावी मुकाबले की चर्चा फिलहाल राजनीतिक अटकलों तक सीमित है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत किस क्षेत्र से करती हैं और आने वाले समय में उनका सियासी सफर किस दिशा में आगे बढ़ता है।



