हस्त प्रक्षालन रोगों से बचाव का प्रभावी हथियार : डॉ. गौरी शंकर पासवान

जमुई/बिहार। विश्व हाथ धुलाई दिवस के अवसर पर राजकीय डिग्री महाविद्यालय, इस्लामनगर अलीगंज में “मानव जीवन में हस्त प्रक्षालन के महत्त्व एवं स्वास्थ्य संरक्षण में इसकी भूमिका” विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजशास्त्र के सहायक प्राध्यापक डॉ. राकेश कुमार ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गौरी शंकर पासवान उपस्थित रहे।

डॉ. गौरी शंकर पासवान ने कहा कि हाथों की स्वच्छता व्यक्तिगत और सामाजिक स्वास्थ्य की सुरक्षा का महत्त्वपूर्ण आधार है। साबुन और स्वच्छ पानी से सही तरीके से हाथ धोने की आदत अनेक संक्रामक बीमारियों के प्रसार को रोकने में सहायक होती है। उन्होंने कहा कि कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से हाथ धोना चाहिए। बीमारी के उपचार से बेहतर उसकी रोकथाम है और नियमित हस्त प्रक्षालन इसमें अहम भूमिका निभाता है।

उन्होंने संदेश दिया, “हाथों को स्वच्छ रखना है बुद्धिमानी, स्वस्थ जीवन की यही है निशानी।” उन्होंने विद्यार्थियों से हाथ धोने की आदत को अपनी दिनचर्या में शामिल करने और परिवार व समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की।

परिचर्चा में प्रो. कामेश्वर कुमार, प्रिया कुमारी, अंजलि सार्थक, अनामिका कुमारी, अंशु कुमारी, अभिषेक कुमार और श्रेय शेखर ने भी हस्त प्रक्षालन को स्वस्थ जीवनशैली का अभिन्न अंग बताया।

इस अवसर पर सुशील कुमार, राकेश कुमार, पूर्व मुखिया सरवन कुमार सहित कई छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वच्छता अपनाने और रोगों से बचाव के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
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