Jamui: गिद्धौर सांस्कृतिक महोत्सव में सुरों की महफिल, मुस्कान श्रीवास्तव और आरोह शंकर की गायकी ने मोहा

जमुई/बिहार। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध गिद्धौर की धरती गुरुवार की शाम संगीत और सुरों से गुलजार हो उठी। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार, पटना तथा जिला प्रशासन, जमुई के संयुक्त तत्वावधान में +2 महाराज चंद्रचूड़ विद्यामंदिर परिसर में आयोजित दो दिवसीय गिद्धौर सांस्कृतिक महोत्सव का भव्य आगाज हुआ। जिलाधिकारी नवीन कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। महोत्सव को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लेने पहुंचे।

वंदे मातरम् से हुई शुरुआत, गणेश वंदना ने बनाया भक्तिमय माहौल

कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् और राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके बाद भगवान गणेश की वंदना की मनमोहक प्रस्तुति ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। आयोजन में पहुंचे अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। इसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें संगीत और कला के विविध रंग देखने को मिले।

मुस्कान श्रीवास्तव के सदाबहार गीतों पर मंत्रमुग्ध हुए श्रोता

इंडियन आइडल सीजन 14 की प्रतिभागी गायिका मुस्कान श्रीवास्तव महोत्सव की प्रमुख आकर्षण रहीं। उन्होंने अपनी सुरीली आवाज में भक्ति गीतों के साथ कई लोकप्रिय हिंदी फिल्मी गीत प्रस्तुत किए। 'लग जा गले', 'ये दिल तुम बिन लगता नहीं' और 'मेरी महबूब कयामत होगी' जैसे सदाबहार गीतों की प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। दर्शकों ने तालियों के साथ उनकी गायकी की सराहना की। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद संगीत प्रेमियों के बीच खास उत्साह पैदा किया।

आरोह शंकर की गायकी को भी मिली खूब सराहना

महोत्सव की पहली शाम इंडियन आइडल सीजन 16 एवं सारेगामापा 2023 के प्रतिभागी आरोह शंकर के नाम भी रही। उन्होंने अपनी गायकी से दर्शकों का मनोरंजन किया। उनकी प्रस्तुति पर लोगों ने खूब तालियां बजाईं। दोनों कलाकारों की मौजूदगी ने गिद्धौर सांस्कृतिक महोत्सव की पहली शाम को यादगार बना दिया।

स्थानीय कलाकारों को मिला मंच, दिखी जिले की प्रतिभा

इस आयोजन की खास बात यह रही कि राष्ट्रीय स्तर के गायकों के साथ जमुई जिले के स्थानीय कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में क्षेत्रीय कला और संस्कृति की झलक पेश की। ऐसे आयोजनों से उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलने के साथ जिले की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलती है।

अमित पाराशर के संचालन ने बांधे रखा दर्शकों को

प्रसिद्ध उद्घोषक अमित पाराशर ने मंच संचालन की जिम्मेदारी संभाली। अपनी प्रभावशाली उद्घोषणा शैली के जरिए उन्होंने कार्यक्रम को रोचक बनाए रखा। इस दौरान उन्होंने गिद्धौर सांस्कृतिक महोत्सव के इतिहास और इसकी सांस्कृतिक महत्ता के बारे में भी जानकारी दी।

प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय लोगों की रही मौजूदगी

उद्घाटन समारोह में एसडीएम सौरभ कुमार, कला एवं संस्कृति पदाधिकारी विकेश कुमार, एडीएम रविकांत, डीटीओ सुनील कुमार, डीपीआरओ डॉ. मेनका और गिद्धौर थानाध्यक्ष राशि मलिक सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। इनके अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और संगीत प्रेमी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

दूसरे दिन हर्षप्रीत कौर बग्गा की प्रस्तुति का इंतजार

दो दिवसीय महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार, 16 अक्टूबर को शाम सात बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाना है। इस दिन वॉयस ऑफ पंजाब सीजन 12 की फाइनलिस्ट हर्षप्रीत कौर बग्गा अपनी गायकी से दर्शकों का मनोरंजन करेंगी। पहले दिन की शानदार प्रस्तुतियों के बाद दूसरे दिन के कार्यक्रम को लेकर भी संगीत प्रेमियों में उत्सुकता बनी हुई है।

गिद्धौर सांस्कृतिक महोत्सव ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि कला और संगीत समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
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