Jamui: गिद्धौर में दुर्गा पूजा एवं लक्ष्मी पूजा की धूम, भव्य मेला की तैयारी में जुटी पूजा समिति, चंदा संग्रह जारी

जमुई/बिहार। ऐतिहासिक और धार्मिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध गिद्धौर में शारदीय दुर्गा पूजा सह लक्ष्मी पूजा को लेकर चहल-पहल बढ़ गई है। पूजा के सफल आयोजन और भव्य मेले की तैयारी को लेकर पूजा समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य सक्रिय हैं। समिति के सदस्य अलग-अलग समूहों में गिद्धौर सहित आसपास के गांवों और क्षेत्रों में पहुंचकर चंदा संग्रह कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के सहयोग से पूजा को आकर्षक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

रविवार को कलश स्थापना के साथ ही पूजा की शुरुआत हो चुकी है। मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालुओं में उत्साह देखा जा रहा है। दुर्गा पूजा के साथ लक्ष्मी पूजा की परंपरा यहां के धार्मिक आयोजन को विशेष पहचान देती है। समिति की ओर से पूजा-अर्चना के अलावा मेले और अन्य कार्यक्रमों की तैयारियां भी की जा रही हैं।

विजयादशमी पर मां दुर्गा की प्रतिमा का होगा विसर्जन

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 21 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। इसके बाद शरद पूर्णिमा के अवसर पर 25 अक्टूबर को मां महालक्ष्मी की पूजा-अर्चना होगी। 26 अक्टूबर को मां महालक्ष्मी की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। दोनों प्रतिमाओं का विसर्जन मां त्रिपुर सुंदरी तालाब में किया जाएगा।

इन धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर समिति के सदस्य आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं में लगे हैं। दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ मेले में भी लोगों की भीड़ जुटने की संभावना है।

तीन नदियों के संगम तट पर विराजती हैं मां दुर्गा

गिद्धौर की दुर्गा पूजा का इतिहास काफी पुराना माना जाता है। यहां नागी, नकटी और उलाई नदी के संगम तट पर स्थित ऐतिहासिक मंदिर में मां दुर्गा की पूजा की जाती है। स्थानीय ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर की स्थापना गिद्धौर के चंदेल राजाओं ने कराई थी। यही वजह है कि इस आयोजन का धार्मिक महत्व होने के साथ-साथ ऐतिहासिक विरासत से भी गहरा जुड़ाव है।

हर वर्ष पूजा के दौरान गिद्धौर और आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पारंपरिक पूजा-पद्धति और मेले के आयोजन के कारण यह उत्सव स्थानीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।

ललिता देवी पदेन अध्यक्ष, राजीव कुमार साव संभाल रहे कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी

शारदीय दुर्गा पूजा सह लक्ष्मी पूजा समिति की पदेन अध्यक्ष पतसंडा पंचायत की मुखिया ललिता देवी हैं। समिति के कार्यकारी अध्यक्ष राजीव कुमार साव उर्फ पिंकू हैं। वहीं, सुबोध कुमार सिंह उर्फ काजू सचिव और सुबोध केशरी कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

समिति के पदाधिकारियों के नेतृत्व में कार्यकारिणी के सदस्य चंदा संग्रह और आयोजन से जुड़े अन्य कार्यों में जुटे हैं। विभिन्न समूहों के माध्यम से लोगों से सहयोग लिया जा रहा है, ताकि पूजा और मेले का आयोजन बेहतर तरीके से किया जा सके।

धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक मेल-मिलाप का भी केंद्र बनेगा मेला

गिद्धौर में दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा के अवसर पर आयोजित होने वाला मेला स्थानीय लोगों के लिए धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक मेल-मिलाप का अवसर भी है। इस आयोजन में आसपास के क्षेत्रों के लोगों की भागीदारी रहती है। मंदिर की ऐतिहासिक पहचान और वर्षों पुरानी पूजा परंपरा इसे क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल करती है।

फिलहाल पूजा समिति के सदस्य तैयारियों को लेकर लगातार सक्रिय हैं। चंदा संग्रह से लेकर पूजा और मेले की व्यवस्था तक विभिन्न कार्यों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को अब आगामी धार्मिक कार्यक्रमों और मेले का इंतजार है।
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