गोरखपुर/उत्तर प्रदेश। जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चिलुआताल थाना पुलिस और साइबर टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जहां से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर ठगी की जा रही थी। इस कार्रवाई में पुलिस ने छह शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जबकि भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिलुआताल थाना क्षेत्र में किराए के एक मकान में लंबे समय से फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। यहां से अमेरिका में रह रहे नागरिकों को फोन कर उन्हें हेल्थ इंश्योरेंस और अन्य लाभ दिलाने का झांसा दिया जाता था। झूठे वादों और फर्जी दस्तावेजों के जरिए उनसे मोटी रकम ऐंठी जाती थी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रूपेश, अभिषेक, हर्ष, सूरज, अश्वनी और सलोनी के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस फर्जी कॉल सेंटर में लगभग 10 से 15 युवक-युवतियां काम कर रहे थे, जिन्हें बाकायदा स्क्रिप्ट दी जाती थी और विदेशी लहजे में बात करने का प्रशिक्षण दिया जाता था, ताकि कॉल करने पर सामने वाला व्यक्ति शक न करे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 28 लैपटॉप, 37 हेडफोन, मोबाइल फोन, सिम कार्ड समेत कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने सभी उपकरणों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, ताकि ठगी से जुड़े अन्य सबूत भी एकत्र किए जा सकें।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ साइबर अपराध, धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह के तार देश के अन्य शहरों या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से तो नहीं जुड़े हैं।
इस कार्रवाई को लेकर पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी अनजान कॉल, ईमेल या मैसेज पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और किसी तरह के संदेह की स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
फर्जी कॉल सेंटर के खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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