पटना / 14 जनवरी 2026 : सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने ईरान में चल रहे महिलाओं के विद्रोह का समर्थन किया है। साथ ही, कहा है कि ईरान की महिलाओं का शहादत विश्व इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों से लिखा जाएगा। यह अपेक्षा भी व्यक्त की है कि अब वहाँ किसी महिला को ही देश के नेतृत्व का अवसर मिलना चाहिए। इसलिए अमेरिकी कौवे के चोंच मारने से पहले ईरान की सत्ता महिलाओं को सौंप दिया जाना चाहिए।
पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष धनंजय कुमार सिन्हा ने ईरान के ताजा घटनाक्रमों के सन्दर्भ में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वहाँ की महिलाओं ने शासन की पाबंदियों के खिलाफ जिस प्रकार से विद्रोह का बिगुल फूँका है, उसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए, कम ही है। वहाँ की महिलाओं के साहस और पराक्रम को देखते हुए नये शासनाध्यक्ष के तौर पर किसी-न-किसी महिला को ही यह जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। साथ ही, वहाँ एक लोकतांत्रिक समाजवादी संविधान लागू किया जाना चाहिए ताकि पुनः ईरान को ऐसे दौर से न गुजरना पड़े।
उन्होंने कहा कि महिलाओं पर शासन द्वारा लगाई गई पाबंदियों पर वहाँ के पुरूष समाज के कई समूहों को काफी पहले ही आगे आना चाहिए था और महिलाओं की स्वतंत्रता के लिए आवाज उठानी चाहिए थी। पर ऐसा नहीं हुआ, यह अति दुर्भाग्यपूर्ण है।
धनंजय ने कहा कि किसी भी देश का नियम या धर्म की परम्परा बदलते दौर में अगर अप्रासंगिक हो जाती हैं तो समय रहते उसमें सुधार कर लिया जाना ही उचित है। कई देशों और कई धर्मों ने कई बार ऐसे आवश्यक परिवर्तन किए हैं, और ऐसे नियम चाहे वे किसी भी देश के हों या धर्म के, जो किसी को भी सामान्य मानवाधिकार से वंचित करते हों, उन्हें अविलम्ब बदल दिया जाना चाहिए अन्यथा देर-सवेर यह एक विकृति के साथ सामने आएगी, और फिर ऐसी परिस्थितियाँ अमेरिका जैसे कौवों को सहानुभूति दिखाकर लूट के लिए अवसर प्रदान करती हैं। ईरान में महिलाओं के इस विद्रोह से अन्य देशों को भी सीख लेनी चाहिए।
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