पटना/बिहार / 16 जनवरी 2026 : नोबेल विजेता एवं वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचाडो द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को अपना नोबेल पुरस्कार सौंपा जाना स्वागतयोग्य कदम है। ऐसा करके मारिया ने जहाँ एक तरफ अपने व्यक्तित्व के बड़प्पन का परिचय दिया है तो दूसरी तरफ वेनेजुएला के राजनीतिक उथल-पुथल को सुलझाने की दिशा में एक बड़ी कूटनीतिक समझ का भी परिचय दिया है। उक्त बातें सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष एवं यूपी प्रभारी धनंजय कुमार सिन्हा ने कहा।
धनंजय ने कहा कि मारिया कोरिना मचाडो जिन्हें वर्ष 2025 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला था, महात्मा गाँधी की अनुयायी हैं। नोबेल मिलने के बाद उन्होंने महात्मा गांधी की लोकतंत्र के लिए लड़ाई की प्रशंसा की थी और खुद को गांधी जी के अहिंसक स्वतंत्रता संग्राम से प्रेरित बताया था।
श्री सिन्हा ने कहा कि मारिया द्वारा ट्रम्प को नोबेल सौंपा जाना सत्य, अहिंसा एवं शांति की जीत का प्रतीक है। यह साबित करता है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तमाम ताकत और युद्ध-अशांति की क्षमता अमन के पैगाम के समक्ष गौण पड़ जाती है।
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