पटना / प्रयागराज (20 जनवरी 2026) : प्रयागराज में स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान और उनके शिष्यों की पिटाई को मोदी - योगी की साजिश बताते हुए सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने सवाल उठाया है कि हिंदू राष्ट्र की बात करने वाले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत शंकराचार्य के अपमान पर चुप क्यों हैं ?
पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष एवं यूपी प्रभारी धनंजय कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री योगी और मुख्यमंत्री योगी की राक्षसी प्रवृत्तियाँ अपने चरम पर पहुँच चुकी हैं। सत्ता के अहंकार में वे हिंदू सनातन परम्परा के सर्वश्रेष्ठ गुरू शंकराचार्य को अपमानित करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब रावण का अंत निकट आ गया था तब उसमें भी ऐसी प्रवृत्तियाँ अपने चरम पर पहुँच गई थीं।
धनंजय ने यह भी सवाल किया कि देशभर में घूम-घूमकर हिंदू राष्ट्र की बात कहकर युवाओं को हिंसा के लिए उकसाने वाले आरएसएस प्रमुख शंकराचार्य के अपमान पर चुप क्यों हैं ?
उन्होंने कहा कि दरअसल मोदी, योगी और मोहन भागवत को हिंदू सनातन धर्म की सदप्रवृत्तियों प्रेम, मैत्री, करूणा, सहानुभूति, भाईचारा आदि से कुछ लेना-देना नहीं हैं और न ही उन्हें श्रीराम के आदर्शों से कोई मतलब है। वे सिर्फ सत्ता पाने के लिए हिंदू धर्म और श्रीराम के नाम का जप करके आम देशवासियों को भरमाने - बहलाने का काम करते हैं। असल मायने में वे रावण की राक्षसी प्रवृत्तियों के पोषक हैं। इसलिए शंकराचार्य का अपमान कर आनंदित हो रहे हैं।
विदित हो कि प्रयागराज माघ मेले में रविवार को मौनी अमावस्या के स्नान के लिए आए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी पुलिस ने रोक दी। इस पर शिष्यों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिस ने कई शिष्यों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने एक साधु को चौकी में पीटा।
इसके बाद पुलिस ने शंकराचार्य के कई और समर्थकों को हिरासत में ले लिया। शंकराचार्य की पालकी को खींचते हुए संगम से 1 किमी दूर ले जाया गया। इस दौरान पालकी का क्षत्रप भी टूट गया। शंकराचार्य स्नान भी नहीं कर पाए।
Tags:
National


