पटना (21 जनवरी 2026) : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भाजपा के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन को 'बॉस' शब्द से सम्बोधित किये जाने पर सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने सवाल उठाते हुए इसे कॉरपोरेट कल्चर की भाषा बताया है। साथ ही, कहा कि प्रधानमंत्री ने लोक-कल्याणकारी भारत देश और राजनीतिक पार्टी भाजपा को प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी बना दिया है जिसके येन-केन-प्रकारेण दो ही निदेशक हैं एक खुद प्रधानमंत्री और दूसरे गृह मंत्री अमित शाह।
पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष एवं यूपी प्रभारी धनंजय कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन को 'बॉस' शब्द से सम्बोधित किया जाना देश के लिये चिंता का विषय है क्योंकि 'बॉस' शब्द कॉरपोरेट कल्चर की भाषा है, और अगर प्रधानमंत्री कॉरपोरेट कल्चर से इतना अधिक प्रभावित हो गये हैं कि उनकी भाषा तक बदल गई है तो वे भारतीय संविधान के अनुसार निर्धारित लोक-कल्याणकारी राज्य भारत देश का सही नेतृत्व कैसे कर पाएँगे ?
उन्होंने कहा कि पहले से ही प्रधानमंत्री पर चंद चमकदार उद्योगपतियों से प्रभावित होने एवं उनके पक्षधर होने का आरोप लगता रहा है जबकि किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री को सर्वप्रथम देश की आम जनता का पक्षधर होना चाहिए। अब उनकी भाषा में कॉरपोरेट कल्चर का अत्यधिक प्रभाव यह दर्शाता है कि उद्योगपतियों को लेकर उन पर लग रहे आरोप सही हैं।
धनंजय ने सवाल किया कि ऐसी मानसिकता के साथ प्रधानमंत्री लोक-कल्याणकारी देश भारत का सही दिशा में नेतृत्व कैसे कर पाएँगे ? इसलिए पहले उन्हें बताना चाहिए कि वे भारत को एक लोक-कल्याणकारी राज्य मानते हैं या एक प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी ? उन्हें यह भी बताना चाहिए कि वे खुद को भारत का प्रधानमंत्री मानते हैं या सीईओ ?
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