पटना/बिहार। शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े बहुचर्चित मामले को लेकर सियासत और गरमा गई है। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष सह उत्तर प्रदेश प्रभारी धनंजय कुमार सिन्हा ने एक पोस्टर जारी कर राज्य सरकार, विशेषकर गृह मंत्री की भूमिका पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। पोस्टर के माध्यम से उन्होंने सरकार की मंशा और कार्रवाई की दिशा पर संदेह जताते हुए कई गंभीर प्रश्न सामने रखे हैं।
धनंजय कुमार सिन्हा ने अपने पोस्टर में पूछा है कि क्या शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड के दोषियों का एनकाउंटर कराकर पूरे मामले को हमेशा के लिए दबा देने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने गृह मंत्री द्वारा दिए गए बयान “माला पहनाएंगे नहीं, माला चढ़ाएंगे” पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की भाषा सीधे तौर पर दोषियों के एनकाउंटर की ओर इशारा करती है, जो एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में बेहद चिंताजनक है।
सोशलिस्ट पार्टी नेता ने सवाल उठाया कि आखिर गृह मंत्री बार-बार इस तरह के बयान क्यों दे रहे हैं। क्या सरकार को यह आशंका है कि यदि शंभू हॉस्टल कांड के असली गुनहगार पकड़े गए, तो इस पूरे रैकेट से जुड़े सफेदपोश अफसरों और प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आ जाएंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि दोषियों को कानून के दायरे में लाने के बजाय उनकी हत्या कर मामले को खत्म करने की सोच बनाई जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क की सच्चाई उजागर न हो सके।
धनंजय कुमार सिन्हा ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की शुरुआती जांच में पुलिस ने जानबूझकर जांच को गलत दिशा में मोड़कर दोषियों को बचाने का प्रयास किया। लेकिन अब जब मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हो चुकी है और सरकार पर असली अपराधियों को गिरफ्तार करने का जबरदस्त जनदबाव बन रहा है, तो गृह मंत्री की विवादित भाषा कई आशंकाओं को जन्म दे रही है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में न्याय दिलाना चाहती है, तो दोषियों को कानून के तहत गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलानी चाहिए, न कि एनकाउंटर जैसे शब्दों और इशारों के सहारे सच्चाई को दफनाने की कोशिश करनी चाहिए। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले में निष्पक्ष जांच, सभी दोषियों की गिरफ्तारी और पूरे रैकेट का पर्दाफाश होने तक संघर्ष जारी रखेगी।
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