पटना/बिहार। यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों एवं सभी उच्च शिक्षण संस्थानों (सरकारी / प्राइवेट) में समता समिति स्थापित करने का जो नया नियम लागू किया है, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) इसका स्वागत और समर्थन करती है, और चूँकि यह नियम सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) की पहल पर लागू किया गया है, इसके लिए पार्टी विशेष तौर पर प्रधानमंत्री, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री एवं यूजीसी के चेयरमैन को विशेष तौर पर धन्यवाद भी देती है।
पिछले वर्ष दिसम्बर 2025 में दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा चित्रा का प्रोफेसर द्वारा प्रताड़ित किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने 14 दिसम्बर को प्रधानमंत्री, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री एवं यूजीसी के अध्यक्ष को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि सभी विश्वविद्यालयों में लड़कियों की शिकायतों को सुनने एवं उसके त्वरित निष्पादन के लिए एक विशेष कमिटी का गठन किया जाए एवं इस कमिटी में स्थानीय अभिभावकों एवं समाजसेवियों को भी शामिल किया जाए।
इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) को पत्र भेजकर सूचित भी किया गया था कि इस माँग को यथोचित कार्रवाई के लिए उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के पास भेज दिया गया है।
तत्पश्चात इस साल इसी माह (जनवरी) में यूजीसी ने उच्च्तर शिक्षण संस्थानों में समता समिति गठित करने का नियम जारी किया जिसमें दो स्थानीय प्रतिनिधियों को भी शामिल करने को कहा गया है। साथ ही, यूजीसी ने इसमें लड़कियों के साथ साथ धर्म एवं जाति के आधार पर भी भेदभाव को रोकने की बात कही है। इसके लिए सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) यूजीसी के इस निर्णय का स्वागत करती है।
दूसरी तरफ इस मामले को लेकर सवर्ण जाति के छात्रों, युवाओं एवं संगठनों द्वारा जो प्रदर्शन किए जा रहे हैं, उस सन्दर्भ में सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) कहना चाहती है कि जारी नियम में कुल नौ सदस्यीय कमिटी का प्रावधान किया गया है जिसमें मात्र तीन सीटें जातियों के आधार पर आरक्षित किए गये हैं. जारी नियम में कहा गया है कि नौ सदस्यीय समता कमिटी में पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति वर्ग एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग को प्रतिनिधित्व देना आवश्यक है. एक सीट महिला एवं एक सीट विकलांग के लिए भी आरक्षित किया गया है जो किसी भी जाति के हो सकते हैं. इसके अलावा जो 4 अन्य सदस्य होंगे, वे भी किसी भी जाति के हो सकते हैं। (please see point number 5.6 & 5.7 of Regulation attached)
इसलिए सोशल मीडिया पर जो सूचना फैल रही है कि इस समता कमिटी के सभी सदस्य पिछड़ा, अनुसूचित एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के ही होंगे, यह महज एक अफवाह है।
इसलिए सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) सवर्ण जाति के सभी छात्रों, युवाओं एवं संगठनों से भी आग्रह करती है कि वे अफवाहों पर न जाएँ, बल्कि यूजीसी की वेबसाइट पर जारी इस नियमावली को एक बार जरूर पढ़ें। साथ ही, सरकार से अनुरोध करती है कि इसका विरोध कर रहे सवर्ण युवाओं के साथ वार्ता कर उन्हें विस्तृत रूप से नियमावली समझाए।
Attachments :
1. Letter sent by Socialist Party (India) to Prime Minister, Education Minister & UGC Chairman
2. Letter from PMO to Socialist Party (India)
3. Page of Regulation of UGC regarding Samta Samiti
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