देहरादून/उत्तराखंड। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस ने अवैध रूप से रह रही एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि महिला ने भारत में रहने के लिए फर्जी भारतीय दस्तावेज बनवा रखे थे और लंबे समय से अपनी पहचान छुपाकर देहरादून में निवास कर रही थी।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला कोविड-19 महामारी के दौरान अवैध रूप से सीमा पार कर भारत में दाखिल हुई थी। इसके बाद वह पश्चिम बंगाल पहुंची, जहां उसने एक स्थानीय व्यक्ति से निकाह कर लिया। शादी के बाद उसने भारत में स्थायी रूप से रहने के उद्देश्य से आधार कार्ड, पहचान पत्र सहित अन्य फर्जी दस्तावेज तैयार करवा लिए।
बताया जा रहा है कि महिला करीब दो वर्ष पूर्व अपने पति के साथ देहरादून आई थी और तब से यहीं रह रही थी। फिलहाल उसका पति रोजगार के सिलसिले में दुबई में मजदूरी करता है, जबकि महिला देहरादून में अकेले रह रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसके ठिकाने पर छापेमारी कर उसे हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान महिला ने बांग्लादेशी नागरिक होने की बात स्वीकार की, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फर्जी दस्तावेज बनाने में किन लोगों की भूमिका रही और क्या इस तरह के किसी बड़े नेटवर्क से महिला का संबंध है।
देहरादून पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं और अन्य संदिग्ध मामलों की जांच तेज कर दी गई है।
Tags:
Uttarakhand

