जमुई/बिहार। जमुई जिला प्रशासन ने जिले को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण और साहसिक पहल की है। रविवार, 29 मार्च को जिला पदाधिकारी नवीन एवं पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने खैरा प्रखंड स्थित गिद्धेश्वर पर्वत श्रृंखला के दुर्गम क्षेत्रों में पैदल भ्रमण कर पंचभूर झरना तक पहुंचकर विकास की संभावनाओं का जायजा लिया।
दुर्गम पहाड़ियों और जंगलों के बीच पदयात्रा
प्रशासनिक टीम ने घने जंगलों, पथरीले रास्तों और संकरी पगडंडियों से होकर कठिन पदयात्रा की। इस दौरान अधिकारियों ने न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन किया, बल्कि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति को भी समझा।
ग्रामीणों से संवाद, आसान मार्ग की तलाश
यात्रा के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्थानीय ग्रामीणों एवं वनवासियों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने झरने तक पहुंचने के लिए सबसे सुरक्षित और सुगम रास्ते के चयन पर विशेष जोर दिया, ताकि भविष्य में आने वाले पर्यटकों को सुविधा मिल सके।
सरकारी योजनाओं का दिखा सकारात्मक असर
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों से बातचीत में विकास की सकारात्मक तस्वीर सामने आई। महुआ चुन रहे लोगों से संवाद के क्रम में एक दिव्यांग व्यक्ति और उनकी वृद्ध माता ने वृद्धा पेंशन सहित अन्य सरकारी योजनाओं से संतुष्टि जताई। ग्रामीणों ने बताया कि पहले नक्सल प्रभावित रहा यह क्षेत्र अब पूरी तरह सुरक्षित है और बिजली व सौर ऊर्जा की पहुंच गांव-गांव तक हो चुकी है।
प्राकृतिक सौंदर्य ने किया मंत्रमुग्ध
पंचभूर झरने के विभिन्न स्तरों पर पहुंचने के बाद अधिकारियों ने इसके अद्भुत प्राकृतिक दृश्य का अवलोकन किया। विशेष रूप से तीसरा स्तर, जहां स्वच्छ जल चट्टानों के बीच फैलता है, को पर्यटन और जल-क्रीड़ा के लिए सबसे उपयुक्त स्थल के रूप में चिन्हित किया गया।
पर्यटन विकास को लेकर बना रोडमैप
मौके पर ही डीएम और एसपी ने अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर झरने को पर्यटकों के लिए सुरक्षित और आकर्षक बनाने को लेकर दिशा-निर्देश दिए। स्वच्छता, पहुंच मार्ग, सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
स्वच्छता और संरक्षण को लेकर अपील
जिला पदाधिकारी ने आम लोगों एवं पर्यटकों से अपील की कि वे इस प्राकृतिक धरोहर की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के सहयोग से ही इस स्थल को एक आदर्श पर्यटन केंद्र बनाया जा सकता है।
इको-टूरिज्म हब बनने की दिशा में पहल
प्रशासन की यह पहल आने वाले समय में पंचभूर झरना को एक प्रमुख इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकती है। यह कदम न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर भी पैदा करेगा।
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