जमुई/बिहार। जमुई जिले के गिद्धौर–कोल्हुआ–जमुई बायपास रोड की हालत इन दिनों बेहद जर्जर हो चुकी है। क्षेत्र की लाइफ लाइन मानी जाने वाली यह सड़क अब लोगों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बन गई है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे और वाहनों के गुजरते ही उड़ने वाले धूल के गुबार से आमजन का जीना मुश्किल हो गया है।
• गड्ढों से भरी सड़क, हर पल दुर्घटना का डर
सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। जैसे ही कोई वाहन इन गड्ढों से गुजरता है, चारों ओर धूल का घना गुबार छा जाता है। इससे सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। खासकर बाइक सवार और पैदल चलने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
सड़क के किनारे रहने वाले लोगों के लिए धूल सबसे बड़ी समस्या बन गई है। घरों के अंदर तक धूल पहुंच रही है, जिससे खाने-पीने की चीजें भी प्रभावित हो रही हैं। लगातार धूल में रहने से लोगों को सांस लेने में परेशानी, खांसी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं।
• ग्रामीणों की पीड़ा: घर-आंगन तक पहुंच रही धूल
कोल्हुआ गांव की निवासी रागिनी कुमारी ने बताया कि घर में खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है। “खाने में धूल मिल जाती है, पानी भी साफ नहीं रहता और घर के हर कोने में धूल की परत जम गई है,” उन्होंने कहा।
ऑनलाइन दुकान संचालक धीरज कुमार ने बताया कि धूल के कारण परिवार के सदस्य बीमार पड़ रहे हैं। “हमारे खेतों में भी धूल जमा हो रही है, जिससे फसल और पौधों को नुकसान हो रहा है,” उन्होंने चिंता जताई।
• स्कूल आने-जाने में हो रही भारी परेशानी
जीके जीनियस पब्लिक स्कूल के प्राचार्य सोनू कुमार मिश्रा ने बताया कि इस रास्ते से रोजाना गुजरना बेहद कठिन हो गया है। “जब बड़ी गाड़ियां गुजरती हैं तो कुछ दिखाई नहीं देता, सांस लेने में भी दिक्कत होती है,” उन्होंने कहा।
• टोटो चालकों का दर्द : रोज का संघर्ष
इस मार्ग पर नियमित रूप से चलने वाले टोटो चालक अंकित कुमार, पप्पू राम और मनोज राम ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण उनकी गाड़ियां अक्सर खराब हो जाती हैं। “गड्ढों और धूल के कारण कई बार वाहन टूट चुके हैं और हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है,” उन्होंने कहा।
• प्रशासन से उठी मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने, गड्ढों को भरने और धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी छिड़काव की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो यह सड़क बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
गिद्धौर–कोल्हुआ–जमुई बायपास रोड अब सुविधा नहीं, बल्कि खतरे का पर्याय बन चुकी है। जरूरत है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता देते हुए जल्द समाधान निकाले, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
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