वाराणसी/उत्तर प्रदेश। मानसून सीजन के आगमन से पहले शहर को जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए वाराणसी नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण और तकनीकी रूप से उन्नत पहल की है। इसी क्रम में महापौर अशोक कुमार तिवारी ने करीब 1.80 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई अत्याधुनिक एमीफीबियस ‘ड्रेन मास्टर’ मशीन का विधिवत लोकार्पण किया। इस मशीन को शहर की जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
महापौर ने खुद किया ट्रायल, कार्यक्षमता का लिया जायजा
लोकार्पण के बाद महापौर अशोक कुमार तिवारी ने स्वयं मशीन का संचालन कर उसकी कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मशीन का अधिकतम उपयोग कर शहर के प्रमुख नालों और जल स्रोतों की सफाई समय पर सुनिश्चित की जाए।
यह हाईटेक मशीन सूखी जमीन, गहरे कीचड़ और पानी, तीनों ही परिस्थितियों में समान दक्षता से कार्य करने में सक्षम है, जिससे यह पारंपरिक मशीनों की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी साबित होगी।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, यह आधुनिक मशीन प्रतिदिन लगभग 30 टन तक कचरा और सिल्ट निकालने में सक्षम है। इसका उपयोग शहर के बड़े नालों, पोखरों और तालाबों की सफाई के साथ-साथ पवित्र गंगा नदी और वरुणा नदी में जमी गाद (सिल्ट) को हटाने में किया जाएगा। इससे बरसात के दौरान जल निकासी में सुधार होगा और जलभराव की समस्या में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
अस्सी व संकट मोचन क्षेत्र में चला निरीक्षण अभियान
लोकार्पण कार्यक्रम के बाद महापौर अशोक कुमार तिवारी एवं नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शहर के संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान संकट मोचन मंदिर और अस्सी घाट क्षेत्र के प्रमुख नालों की स्थिति का जायजा लिया गया। साथ ही अस्सी नाला, रविदास पार्क के सामने स्थित नाला और अस्सी घाट के समीप निर्माणाधीन मल्टी लेवल पार्किंग परियोजना का भी निरीक्षण किया गया।
सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर सख्त नाराजगी
निरीक्षण के दौरान रत्नाकर पार्क क्षेत्र में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाए जाने पर महापौर ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि मानसून के दौरान आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी नालों की समयबद्ध सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों की मौजूदगी में लिया गया निर्णय
इस महत्वपूर्ण मौके पर अपर नगर आयुक्त सविता यादव सहित नगर निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर शहर को जलभराव मुक्त बनाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने का संकल्प दोहराया। मानसून से पहले की जा रही इस तरह की तैयारी को शहर के विकास और स्मार्ट सिटी मिशन की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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