जमुई/बिहार। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को जिला मुख्यालय स्थित व्यवहार न्यायालय परिसर के नया सदन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सौजन्य से योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
आयोजित कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों तथा अन्य गणमान्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की क्रियाओं का अभ्यास किया। इस दौरान योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण अनेक प्रकार की शारीरिक एवं मानसिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे में योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम है, बल्कि मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का भी प्रभावी साधन है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति स्वस्थ, सक्रिय एवं ऊर्जावान बना रहता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है, जिसे आज पूरी दुनिया ने अपनाया है। योग के माध्यम से व्यक्ति स्वयं को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बना सकता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में इसकी भूमिका को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा नियमित योग करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने के संकल्प के साथ हुआ।
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