जहानाबाद/बिहार। जिले की सांस्कृतिक प्रतिभाओं को नई पहचान देने और बच्चों एवं युवाओं में भारतीय कला एवं संगीत के प्रति रुचि विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए दुर्गा चौक स्थित तारापीठ कॉम्प्लेक्स में ‘आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र’ का शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण केंद्र का विधिवत उद्घाटन जिलाधिकारी छिरिंग वाई. भूटिया ने फीता काटकर किया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि कला और संस्कृति किसी भी समाज की अमूल्य धरोहर होती है। ऐसे प्रशिक्षण केंद्र बच्चों और युवाओं की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उन्हें अनुशासन, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक मूल्यों से भी जोड़ते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को इस केंद्र से जोड़ने की अपील करते हुए कहा कि यह पहल जिले की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगी।
प्रशिक्षण केंद्र में कथक, भरतनाट्यम, तबला, हारमोनियम, ढोलक तथा शास्त्रीय गायन जैसी भारतीय शास्त्रीय कला एवं संगीत की प्रमुख विधाओं का प्रशिक्षण अनुभवी एवं विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किया जाएगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों और युवाओं को भी गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
केंद्र में 6 वर्ष या उससे अधिक आयु के बच्चे एवं युवा प्रवेश लेकर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। प्रशिक्षण का संचालन प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक दो अलग-अलग सत्रों में किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार भाग ले सकें।
प्रशासन का मानना है कि इस प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना से जिले की उभरती हुई कलात्मक प्रतिभाओं को उचित मंच मिलेगा और भविष्य में वे राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे। साथ ही भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य जैसी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन को भी नई गति मिलेगी।
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