मधुपुर जंक्शन पर ट्रेन के कोच में महिला ने दिया बच्चे को जन्म, रेलवे की तत्परता से हुई सुरक्षित डिलीवरी


देवघर/झारखंड। देवघर जिले स्थित मधुपुर जंक्शन से मानवता और संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। हावड़ा से आ रही पूर्वा एक्सप्रेस में सफर कर रही एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रेन को मधुपुर स्टेशन पर रोके रखा और चिकित्सा टीम की मदद से सुरक्षित प्रसव कराया गया।
ए-1 कोच बना अस्थायी प्रसूति कक्ष

प्रसव पीड़ा की सूचना मिलते ही हरकत में आया रेलवे प्रशासन

जानकारी के अनुसार, हावड़ा से आ रही ट्रेन के ए-1 कोच में यात्रा कर रही महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। इसकी सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने बिना देर किए मेडिकल टीम को स्टेशन पर बुलाया और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराईं। हालात को देखते हुए ट्रेन को कुछ समय के लिए मधुपुर जंक्शन पर रोका गया, ताकि महिला और उसके होने वाले शिशु की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

रेलवे कर्मियों और डॉक्टरों के सहयोग से हुआ सुरक्षित प्रसव
मेडिकल टीम, रेलवे अधिकारियों और स्टेशन कर्मियों के समन्वित प्रयास से महिला की डिलीवरी ट्रेन के ए-1 कोच में ही कराई गई। डॉक्टरों की निगरानी में महिला ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों को आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई गई।

मां और नवजात दोनों स्वस्थ, यात्रियों ने की सराहना
रेलवे सूत्रों के अनुसार, प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। इस दौरान रेलवे प्रशासन, डॉक्टरों और स्टेशन कर्मियों द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता और तत्परता की यात्रियों ने भी जमकर सराहना की। कई यात्रियों ने इसे रेलवे की मानवीय सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

सेवा और सुरक्षा के प्रति रेलवे की प्रतिबद्धता का उदाहरण
मधुपुर जंक्शन पर समय रहते लिए गए निर्णय और त्वरित कार्रवाई ने एक संभावित संकट को टाल दिया। रेलवे प्रशासन की यह पहल न केवल एक मां और उसके नवजात के लिए जीवनदायी साबित हुई, बल्कि यह भी दिखाया कि आपात परिस्थितियों में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मधुपुर स्टेशन पर घटी यह घटना इंसानियत, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का एक यादगार उदाहरण बन गई है।

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