ऑस्ट्रेलिया दौरे पर PM मोदी का बढ़ता वैश्विक प्रभाव, मेलबर्न में तीसरे दौरे पर ऐतिहासिक स्वागत की तैयारी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित ऑस्ट्रेलिया दौरे को लेकर वहां बसे भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री के तीसरे ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान 9 जुलाई को मेलबर्न में आयोजित होने वाले 'मेलबर्न मीट्स मोदी' कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम के लिए अब तक लगभग 30 हजार लोगों ने अपना पंजीकरण कराया है, जिससे यह आयोजन भारतीय प्रवासी समुदाय के सबसे बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में से एक बनने की ओर अग्रसर है।

जानकारी के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न राज्यों से भारतीय मूल के लोग इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मेलबर्न पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, लोकतांत्रिक मूल्यों और भारत-ऑस्ट्रेलिया की रणनीतिक साझेदारी को प्रदर्शित करने के लिए विशेष प्रस्तुतियों की भी योजना बनाई गई है। बड़ी संख्या में स्वयंसेवक आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच लगातार मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देगा। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, शिक्षा, प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और विस्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके साथ ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को भी मजबूती मिलने की संभावना है।

भारतीय समुदाय के लिए यह दौरा विशेष महत्व रखता है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के नागरिक प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत को लेकर काफी उत्साहित हैं और इसे भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक मान रहे हैं। आयोजन स्थल पर व्यापक स्तर पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारियां भी की जा रही हैं ताकि हजारों लोगों की मौजूदगी में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

विश्लेषकों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह प्रस्तावित दौरा केवल प्रवासी भारतीयों से संवाद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दोनों देशों के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक सहयोग, व्यापारिक संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं और यह यात्रा उसी साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने का अवसर मानी जा रही है।
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