दिल्ली-पटना में छात्र आंदोलनों के दौरान हिंसा पर सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने जताई चिंता

प्रदेश अध्यक्ष धनंजय कुमार सिन्हा ने कहा— हिंसा से कमजोर होगा आंदोलन, प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने की अपील
पटना/बिहार। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष धनंजय कुमार सिन्हा ने दिल्ली और पटना में छात्र-युवा आंदोलनों के दौरान सामने आई हिंसक घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने एक पोस्टर जारी कर कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक आंदोलन की सफलता उसके शांतिपूर्ण स्वरूप पर निर्भर करती है और हिंसा आंदोलन की ताकत को कमजोर कर सकती है।

दिल्ली और पटना की घटनाओं का किया उल्लेख
धनंजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बुधवार रात दिल्ली के जंतर-मंतर के निकट पुलिस और छात्र-युवाओं के बीच झड़प की खबरें सामने आई हैं। वहीं पटना में भी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा की सूचनाएं मिली हैं। उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी छात्र-युवाओं से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में हिंसा का सहारा न लें और संयम बनाए रखें।
'आंदोलन को बदनाम करने की हो रही कोशिश'
प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार के निर्देश पर कुछ तत्व छात्र-युवाओं को हिंसा के लिए उकसाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि आंदोलन को कमजोर और बदनाम किया जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में आंदोलनकारियों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है और किसी भी उकसावे में नहीं आना चाहिए।

सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके से की विशेष अपील
धनंजय कुमार सिन्हा ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, अभिजीत दीपके और उनकी टीम से आग्रह किया कि जंतर-मंतर पर समर्थन के लिए पहुंचने वाले छात्र-युवाओं से एक शपथ पत्र भरवाया जाए। इसमें सभी प्रदर्शनकारी यह संकल्प लें कि वे किसी भी परिस्थिति में अपनी ओर से हिंसा नहीं करेंगे, चाहे उनके खिलाफ लाठीचार्ज जैसी कार्रवाई ही क्यों न की जाए।

हिंसा नहीं रुकी तो देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाने का सुझाव
उन्होंने कहा कि यदि सभी प्रयासों के बावजूद हिंसा और झड़प की घटनाएं लगातार होती रहती हैं, तो आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर देशव्यापी जनजागरण अभियान शुरू किया जाना चाहिए। इसके तहत छात्र-युवा प्रतिनिधि और उनके समर्थक गांव-गांव जाकर लोगों को सरकार के कथित तानाशाही रवैये और आंदोलन के उद्देश्य से अवगत कराएं, ताकि व्यापक जनसमर्थन प्राप्त किया जा सके।
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