वाराणसी | 21 अगस्त 2026
काशी को हरा-भरा बनाने के लिए नगर निगम वाराणसी ने पौधारोपण को लेकर नई सुविधा शुरू की है। अब शहरवासियों को पौधा खरीदने और उसके लिए ट्री-गार्ड की व्यवस्था करने की जरूरत नहीं होगी। घर, कॉलोनी, मोहल्ले या पार्क में पौधा लगवाने के इच्छुक लोगों को नगर निगम की ओर से पौधा और ट्री-गार्ड नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में पत्रकारों से बातचीत के दौरान महापौर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि इस योजना के तहत एक पौधे और ट्री-गार्ड पर आने वाला करीब 2,740 रुपये का खर्च नगर निगम वहन करेगा। निगम की टीम खुद मौके पर पहुंचेगी और गड्ढा खोदने से लेकर पौधा लगाने तथा ट्री-गार्ड लगाने तक की प्रक्रिया पूरी करेगी।
बस ऐप पर करें आवेदन
पौधारोपण कराने के लिए नागरिकों को ‘स्मार्ट काशी ऐप’ पर आवेदन करना होगा। इसमें वार्ड नंबर, मोहल्ला या कॉलोनी, मकान नंबर और मोबाइल नंबर की जानकारी देनी होगी। आवेदन के बाद निगम की टीम निर्धारित स्थान पर पहुंचकर पौधारोपण कराएगी।
योजना के तहत मौलश्री, नीम, अमलतास, अर्जुन, पीपल, पाकड़, बरगद और गुलमोहर जैसी छायादार व स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे।
25 हजार पौधों से बढ़ेगी शहर की हरियाली
नगर निगम ने इस साल ट्री-गार्ड के साथ 25 हजार नए पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। पिछले अभियानों में लगाए गए पौधों के संरक्षण पर भी निगम की ओर से जोर दिया जा रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024-25 में लगाए गए 8 हजार पौधों में से 5,543 पौधे सुरक्षित हैं। वहीं 2025-26 में लगाए गए 20 हजार पौधों में 19,269 पौधे जीवित हैं।
विधानसभा क्षेत्रवार देखें तो उत्तरी क्षेत्र में 10,305, रोहनिया में 6,713, कैंट में 6,236 और दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में 4,746 पौधे ट्री-गार्ड के साथ लगाए जा चुके हैं।
सघन वन और मियावाकी मॉडल पर भी काम
नगर निगम की उपवन योजना के तहत सारंग तालाब भीटा में 35 हजार और कंचनपुर अखाड़ा पार्क में 15 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं। शहर के आठों जोनों में 25 हजार ट्री-गार्ड स्थापित करने और दो वर्षों तक इनके रखरखाव के लिए 7.45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सारंग तालाब में मियावाकी पद्धति से सघन वन विकसित करने के लिए 1.29 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
पौधे की देखभाल के लिए बनेगा ‘पालक’
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि अभियान का लक्ष्य केवल पौधों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखना भी है। इसके लिए लगाए जाने वाले प्रत्येक पौधे के साथ एक ‘पालक’ का नाम दर्ज किया जाएगा।
नगर निगम की इस पहल के जरिए काशी में हरियाली को घर-घर तक पहुंचाने के साथ पौधों के संरक्षण को भी जनभागीदारी से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। अब शहर में पौधा लगाने की शुरुआत करना आसान होगी—आवेदन से लेकर पौधारोपण तक की जिम्मेदारी निगम उठाएगा।
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