खारिज-दाखिल की रिपोर्ट लगाने के नाम पर मांगी गई रकम का आरोप, यूपी कॉलेज गेट के पास एंटी करप्शन टीम ने की कार्रवाई
वाराणसी। जमीन के खारिज-दाखिल की रिपोर्ट लगाने के नाम पर कथित रिश्वतखोरी के मामले में वाराणसी एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए एक निजी मुंशी को गिरफ्तार किया है। विभाग के मुताबिक, निजी मुंशी पर ₹1 लाख की रिश्वत लेने का आरोप है। कार्रवाई 22 सितंबर 2026 को यूपी कॉलेज गेट के अंदर इंडियन बैंक के पास की गई।
शिकायतकर्ता की सूचना पर तैयार हुआ ट्रैप
एंटी करप्शन विभाग के अनुसार, शिवपुर निवासी कमल कान्त विक्रम ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनके पिता ओमप्रकाश सिंह की पुश्तैनी जमीन के विक्रय से संबंधित खारिज-दाखिल की रिपोर्ट लगाने के बदले क्षेत्रीय लेखपाल कुन्दन सिंह द्वारा ₹1 लाख की मांग की जा रही थी।
शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले की जांच शुरू की। विभाग के मुताबिक, शिकायतकर्ता और लेखपाल के बीच फोन पर बातचीत हुई। आरोप है कि इसके बाद लेखपाल ने अपने निजी मुंशी अशोक कुमार से मिलने के लिए कहा।
बैंक के पास रकम लेते ही दबोचा
एंटी करप्शन विभाग के मुताबिक, तय स्थान पर अशोक कुमार शिकायतकर्ता से मिला। यूपी कॉलेज गेट के अंदर इंडियन बैंक के पास कथित तौर पर ₹1 लाख की रकम लेते ही टीम ने उसे पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान उसके कब्जे से कथित रिश्वत की रकम बरामद किए जाने की बात विभाग ने कही है। गिरफ्तारी करीब दोपहर 1:41 बजे किए जाने का उल्लेख प्रेस नोट में है।
मोबाइल रिकॉर्डिंग भी जांच के दायरे में
विभाग का कहना है कि पूछताछ के दौरान अशोक कुमार ने लेखपाल कुन्दन सिंह के कहने पर रकम लेने की बात बताई। टीम के अनुसार, उसके मोबाइल फोन में दोनों के बीच कथित रिश्वत लेनदेन से संबंधित बातचीत की रिकॉर्डिंग भी मिली है।
एंटी करप्शन टीम इस रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
लेखपाल की तलाश जारी
कार्रवाई के बाद टीम ने तहसील सदर समेत कई संभावित स्थानों पर लेखपाल कुन्दन सिंह की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। विभाग के अनुसार, मामले में अशोक कुमार और कुन्दन सिंह के खिलाफ कैंट थाने में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
कौन है गिरफ्तार और कौन वांछित?
अशोक कुमार: पुत्र मोहन लाल, निवासी डीएलडब्ल्यू रोड, शिवदासपुर, थाना मंडुवाडीह, वाराणसी। उसे लेखपाल का निजी मुंशी बताया गया है।
कुन्दन सिंह: हल्का लेखपाल, क्षेत्र सीरगोवर्धनपुर, तहसील सदर, वाराणसी। एंटी करप्शन विभाग के अनुसार उसकी तलाश की जा रही है।
विभाग के आरोपों के अनुसार मामला रिश्वत लेने से जुड़ा है; आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।



