काशी में 69 करोड़ से ज्यादा का विकास प्लान, 119 पार्क संवरेंगे; हेरिटेज गलियों को मिलेगा नया लुक


BPCL के CSR फंड से दो परियोजनाओं पर हुआ करार, सारनाथ और मैदागिन में बनेंगे आधुनिक फूड स्ट्रीट हब

वाराणसी। धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी काशी में विकास और विरासत संरक्षण को साथ लेकर चलने की तैयारी तेज हो गई है। शहर की नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने और पुराने क्षेत्रों की ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखने के लिए 69.21 करोड़ रुपये से अधिक की दो परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने CSR फंड के जरिए इन परियोजनाओं के लिए वाराणसी प्रशासन के साथ एमओयू किया है। ताज होटल में आयोजित कार्यक्रम में महापौर अशोक कुमार तिवारी, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम और BPCL के CMD संजय खन्ना की मौजूदगी में समझौते पर हस्ताक्षर हुए।

119 पार्कों पर खर्च होंगे 48 करोड़

परियोजना के पहले हिस्से में करीब 48 करोड़ रुपये की लागत से शहर के 119 सार्वजनिक पार्कों को नया स्वरूप दिया जाएगा। यहां लैंडस्केपिंग, पैदल चलने के लिए पाथवे, ओपन जिम और बच्चों के लिए खेल उपकरण लगाए जाएंगे।

इसके साथ पार्कों में जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था और बागवानी को भी बेहतर किया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए पार्क अधिक उपयोगी और सुविधाजनक बन सकेंगे।

दो जगह विकसित होंगे फूड स्ट्रीट

इसी परियोजना के तहत सारनाथ और मैदागिन में दो फूड स्ट्रीट हब तैयार किए जाएंगे। इन स्थानों पर वेंडरों के लिए व्यवस्थित इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ पानी, स्वच्छता, CCTV और सौर ऊर्जा आधारित लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी।

21.21 करोड़ से बदलेगा हेरिटेज जोन

दूसरी परियोजना के लिए 21.21 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके तहत काशी के प्रमुख ऐतिहासिक मार्गों और गलियों को हेरिटेज थीम के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

मुख्य कार्यों में—

ठठेरी हेरिटेज गली से काल भैरव मंदिर तक विरासत मार्ग का विकास,

गोदौलिया से मैदागिन तक भवनों के अग्रभाग का सौंदर्यीकरण,

और मणिकर्णिका घाट से मणिकर्णिकेश्वर मंदिर तक जाने वाली गली का पुनर्विकास शामिल है।

इन क्षेत्रों में हेरिटेज शैली की लाइटिंग, साइन बोर्ड, स्ट्रीट फर्नीचर, म्यूरल, सार्वजनिक कला और पैदल यात्रियों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कई हिस्सों में पत्थर की पक्की सड़क भी तैयार की जाएगी।

36 महीने में पूरा होगा काम

प्रशासन ने दोनों परियोजनाओं को 36 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों का मानना है कि इन कार्यों से काशी में नागरिक सुविधाओं के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

हेरिटेज रूट के विकास से ऐतिहासिक गलियों की पहचान निखरेगी, जबकि पार्कों के कायाकल्प से शहरवासियों को बेहतर सार्वजनिक स्थान मिलेंगे। फूड स्ट्रीट हब के जरिए स्थानीय कारोबार और वेंडरों की आजीविका को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

वाराणसी | 9 सितंबर 2026

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