योगी सरकार ने जारी किया शासनादेश, तीन साल या सरकार के प्रसाद पर्यंत रहेगा कार्यकाल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अल्पसंख्यक आयोग को नया नेतृत्व मिल गया है। राज्य सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण अनुभाग-4 ने 9 सितंबर 2026 को आयोग के नए अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति से संबंधित शासनादेश जारी किया। इसके तहत मोहसिन रजा को एक बार फिर उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग की कमान सौंपी गई है।
अध्यक्ष के साथ आयोग में आठ सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है। शासनादेश के अनुसार नियुक्त सभी पदाधिकारियों का कार्यकाल तीन वर्ष अथवा राज्य सरकार के प्रसाद पर्यंत, जो भी पहले हो, रहेगा।
कौन-कौन बना आयोग का सदस्य?
आयोग के नए गठन में मोहसिन रजा के अलावा—
- संदीप जैन
- अंशुमान कुमार सिंह
- सरदार हरदीप सिंह बेदी
- मोहम्मद असलम
- सरदार रविंदर सिंह
- नेहा खान
- सैय्यद मेराज अब्बास रिजवी
- रुमाना सिद्दीकी
को सदस्य बनाया गया है।
किस कानून के तहत हुई नियुक्ति?
सरकार की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि ये नियुक्तियां उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1994 की धारा 3 और धारा 4(1) के तहत की गई हैं। इस अधिनियम में वर्ष 2013 में संशोधन किया गया था।
अल्पसंख्यक मामलों की निगरानी होगी अहम जिम्मेदारी
नए आयोग के गठन के बाद अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मुद्दों पर निगरानी और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। आयोग अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों, समस्याओं और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामलों पर सरकार को सुझाव देने के साथ संबंधित शिकायतों की सुनवाई भी करेगा।
मोहसिन रजा के दोबारा अध्यक्ष बनने के बाद अब आयोग के सामने अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े लंबित मामलों और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
लखनऊ | 9 सितंबर 2026



