योगी के दौरे से पहले वाराणसी में सियासी पोस्टर वॉर, तराजू में ‘मेंढक’ बनाकर विपक्ष पर हमला


भाजपा नेता दीपक सिंह राजवीर ने पोस्टर के जरिए साधा निशाना, 2027 में फिर भाजपा सरकार बनने का किया दावा

वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वाराणसी दौरे से पहले शहर में लगे एक राजनीतिक पोस्टर ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। भाजपा नेता दीपक सिंह राजवीर की ओर से लगाए गए पोस्टरों में विपक्षी दलों पर तीखा तंज कसा गया है। प्रमुख चौराहों पर नजर आ रहे इन पोस्टरों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

तराजू में ‘मेंढक’ और विपक्ष पर कटाक्ष

पोस्टर में विपक्षी दलों को मेंढक के रूप में तराजू पर तौले जाते हुए दर्शाया गया है। इसके जरिए विपक्षी दलों की राजनीतिक दिशा और गठबंधन की राजनीति पर व्यंग्य किया गया है। पोस्टर में विपक्ष पर ‘मौकापरस्ती’ और ‘भ्रष्टाचार’ जैसे आरोप लगाते हुए परिवारवाद और स्वार्थ की राजनीति का भी जिक्र किया गया है।

साथ ही पोस्टर के जरिए 2027 में भाजपा के दोबारा प्रचंड बहुमत से सत्ता में लौटने का दावा किया गया है।

पोस्टर में भाजपा के दिग्गज नेताओं की तस्वीरें

पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें प्रमुखता से लगाई गई हैं। इसके अलावा स्थानीय भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों के चित्र भी पोस्टर में शामिल हैं।

‘जनता फिर देगी भाजपा को मौका’

पोस्टर लगाने वाले भाजपा नेता दीपक सिंह राजवीर ने कहा कि वह लंबे समय से भाजपा की विचारधारा से जुड़कर जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं। उनके अनुसार पोस्टर का उद्देश्य विपक्ष की राजनीति और बदलते राजनीतिक समीकरणों पर व्यंग्य के जरिए अपनी बात रखना है।

उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा के नेतृत्व, नीति और नीयत पर भरोसा जताएगी और उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनेगी।

सीएम के दौरे से पहले क्यों चर्चा में आया पोस्टर?

वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले सामने आए इन पोस्टरों ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है। शहर के अलग-अलग चौराहों पर लगे पोस्टरों को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की सियासी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

अब देखना होगा कि भाजपा नेता के इस पोस्टर अभियान पर विपक्षी दल किस तरह पलटवार करते हैं और क्या शहर में पोस्टर के जरिए सियासी बयानबाजी का सिलसिला आगे भी जारी रहता है।

वाराणसी | उत्तर प्रदेश

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