Bodhgaya: फिजियोथेरेपी दिवस पर छात्रों ने पोस्टर के जरिए बताई हृदय रोग व स्ट्रोक से बचाव की राह

बोधगया/बिहार (रिपोर्ट : प्रकाश कुमार) : मगध विश्वविद्यालय के फिजियोथेरेपी विभाग में सोमवार को विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर विशेष पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता आयोजित की गई। विभागीय सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में स्नातक एवं स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राओं ने शोधपरक मॉडल और चार्ट के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

इस वर्ष प्रतियोगिता का विषय ‘हृदय रोग एवं स्ट्रोक की रोकथाम, प्रबंधन और पुनर्वास में फिजियोथेरेपी की भूमिका’ रखा गया था। छात्रों ने पोस्टर के माध्यम से बदलती जीवनशैली से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं और उनके समाधान पर प्रकाश डाला।

छात्रों ने ‘सिट लेस, मूव मोर’ का संदेश देते हुए गतिहीन जीवनशैली से बढ़ते हृदय रोगों के प्रति लोगों को जागरूक किया। बाईपास सर्जरी और एंजियोप्लास्टी के बाद मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने में कार्डियक रिहैबिलिटेशन की भूमिका को भी मॉडल के माध्यम से समझाया गया।

स्ट्रोक प्रबंधन से जुड़े मॉडल में शुरुआती लक्षणों की पहचान के लिए ‘बी-ई-फास्ट’ (BE-FAST) पद्धति और रिकवरी में इंस्पिरेटरी मसल ट्रेनिंग की उपयोगिता बताई गई। इसके अलावा छात्रों ने उच्च तीव्रता वाले अंतराल प्रशिक्षण और नियमित प्रशिक्षण के साथ अस्पताल एवं घर पर दी जाने वाली फिजियोथेरेपी का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. एसएनपी यादव ‘दीन’, प्रो. जावेद अशरफ, निदेशक पूनम सिंह और डॉ. आनंद प्रियदर्शी शामिल रहे। निर्णायकों ने सभी मॉडलों का बारीकी से निरीक्षण किया और छात्रों से उनके क्लिनिकल निष्कर्षों एवं केस स्टडी से संबंधित सवाल पूछे। उन्होंने छात्रों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रस्तुति की सराहना की।

कार्यक्रम का आयोजन विभागीय प्राध्यापकों डॉ. पांडेय, रोहित कुमार सिन्हा, डॉ. नंदिनी और डॉ. नीरज के मार्गदर्शन में हुआ। चार्ट और मॉडल तैयार करने में भी शिक्षकों ने छात्रों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम के सफल संचालन एवं तकनीकी व्यवस्था में निशांत और हितेश का विशेष योगदान रहा।
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