जमुई/बिहार। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), गिद्धौर में बिहार शिक्षा परियोजना, जमुई के तत्वावधान में तीन एवं चार नवंबर को जिला स्तरीय कला उत्सव 2026 का आयोजन किया गया। दो दिवसीय प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न प्रखंडों के विद्यालयों से चयनित छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर संगीत, नृत्य, नाटक, दृश्य कला और पारंपरिक कहानी वाचन सहित विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन शिक्षण संभाग प्रभारी ओम जी आनंद एवं DIET के प्राचार्य रत्नेश कुमार रत्न ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर ओम जी आनंद ने कहा कि कला उत्सव बच्चों की छिपी प्रतिभा को पहचानने और उसे उचित मंच प्रदान करने का माध्यम है। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि बच्चों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास एवं अभिव्यक्ति क्षमता का विकास करना भी है। उन्होंने विद्यालयों में नियमित रूप से कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
वहीं, प्राचार्य रत्नेश कुमार रत्न ने कहा कि कला एवं संस्कृति हमारी सामाजिक और राष्ट्रीय पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। संगीत, नृत्य और नाटक जैसी गतिविधियां बच्चों में कल्पनाशीलता, अनुशासन और मौलिक चिंतन विकसित करती हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भी गतिविधि आधारित एवं अनुभवात्मक शिक्षा को प्रोत्साहित करती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, उन्हें अवसर और मार्गदर्शन देने की आवश्यकता है।
प्रतियोगिता में कुल 12 श्रेणियों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें एकल एवं समूह गायन, तंत्री एवं सुशिर वाद्य, ताल वाद्य, शास्त्रीय नृत्य, क्षेत्रीय एवं लोक नृत्य, समूह नाटक, द्विआयामी एवं त्रिआयामी दृश्य कला, समूह कला तथा पारंपरिक कहानी वाचन शामिल थे। प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से लोक संस्कृति, परंपरा और सामाजिक विषयों की आकर्षक झलक प्रस्तुत की। निर्णायक मंडली ने निर्धारित मानदंडों के आधार पर प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया।
समापन समारोह में शिक्षण संभाग प्रभारी ओम जी आनंद एवं DIET प्राचार्य रत्नेश कुमार रत्न ने विभिन्न विधाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। समूह प्रतियोगिताओं में विजेता टीमों के सदस्यों को भी व्यक्तिगत प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। प्रतियोगिता के निष्पक्ष मूल्यांकन में योगदान देने वाले निर्णायकों तथा आयोजन के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आयोजन समिति के सदस्यों को भी प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि प्रतियोगिता में पुरस्कार प्राप्त करना ही सफलता का एकमात्र पैमाना नहीं है, बल्कि पूरे उत्साह और समर्पण के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना भी बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने जिला स्तर पर चयनित प्रतिभागियों से आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन कर जमुई का नाम रोशन करने की अपेक्षा जताई। आयोजन में शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यालय प्रधानों, मार्गदर्शक शिक्षकों एवं आयोजन समिति के सदस्यों का सराहनीय सहयोग रहा।
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