Jamui: यूजी कक्षाओं की संबद्धता को लेकर जमुई बीएड कॉलेज का मुंगेर विश्वविद्यालय की टीम ने किया निरीक्षण

जमुई/बिहार। जिले के बरहट प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत गादी कटौना स्थित ब्लैक डायमंड कल्याण संस्थान द्वारा संचालित जमुई बीएड कॉलेज में यूजी (स्नातक) कक्षाओं की संबद्धता को लेकर मुंगेर विश्वविद्यालय की ओर से 29 जनवरी को औपचारिक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण को कॉलेज के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पड़ाव माना जा रहा है, क्योंकि यूजी कक्षाओं की संबद्धता से क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

कॉलेज के सचिव डॉ. अनिल कुमार सिंह ने निरीक्षण की जानकारी देते हुए बताया कि मुंगेर विश्वविद्यालय द्वारा गठित निरीक्षण टीम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षाविद एवं अधिकारी शामिल थे। टीम में प्रो. डॉ. कलाल बखला, इंस्पेक्टर ऑफ कॉलेजेज, मुंगेर विश्वविद्यालय; प्रो. डॉ. दिवाकर कुमार, सीसीडीसी, मुंगेर विश्वविद्यालय; डॉ. ऋतुराज दुबे, आरडी कॉलेज, शेखपुरा तथा डॉ. संजय मांझी, कोशी कॉलेज, खगड़िया शामिल थे।

निरीक्षण के दौरान टीम ने कॉलेज में प्रस्तावित विभिन्न विषयों की संबद्धता के लिए उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का गहन मूल्यांकन किया। अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, भूगोल, हिंदी, इतिहास, गणित, दर्शनशास्त्र, राजनीति विज्ञान, संस्कृत, समाजशास्त्र के साथ-साथ रसायन शास्त्र, भौतिकी, प्राणी विज्ञान, लेखांकन एवं वित्त जैसे विषयों के लिए आवश्यक शिक्षण सुविधाओं की विस्तार से जांच की गई। टीम ने कक्षाओं की व्यवस्था, शिक्षकों की उपलब्धता, पाठ्यक्रम से संबंधित सामग्री, पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों, प्रयोगशालाओं की स्थिति, उपकरणों की गुणवत्ता तथा आधारभूत संरचना का भी बारीकी से निरीक्षण किया।

डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि निरीक्षण की तिथि पूर्व से ही 29 जनवरी निर्धारित थी और कॉलेज प्रबंधन की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी कर ली गई थीं। निरीक्षण के उपरांत विश्वविद्यालय की टीम के सदस्यों ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपनी-अपनी निरीक्षण रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को समर्पित करेंगे, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान कॉलेज परिसर में शैक्षणिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित रहीं। इस अवसर पर कॉलेज के अध्यक्ष ध्रुप कुमार सिंह, प्राचार्य प्रीति सिंह सहित सभी विषयों के प्राध्यापकगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कॉलेज प्रबंधन को उम्मीद है कि विश्वविद्यालय से सकारात्मक निर्णय मिलने के बाद क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को अपने ही जिले में गुणवत्तापूर्ण स्नातक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
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