वाराणसी/उत्तर प्रदेश। आस्था और भक्ति की नगरी काशी एक बार फिर धार्मिक उल्लास से सराबोर हो उठी, जब चौकाघाट स्थित सिद्धपीठ अति प्राचीन श्रीमूंछ वाले हनुमान मंदिर आश्रम परिसर में माता अष्टभुजी की भव्य प्रतिमा के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन किया गया। सूर्य सप्तमी के पावन अवसर पर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में साधु-संतों, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की भारी भागीदारी रही।
प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व पांडेयपुर स्थित काली माता मंदिर परिसर से माता अष्टभुजी की आकर्षक एवं भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा पांडेयपुर चौराहा, हुकुलगंज होते हुए चौकाघाट स्थित आश्रम परिसर पहुंची। मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर माता का स्वागत किया। ‘जय मां अष्टभुजी’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
शोभायात्रा की विशेषता यह रही कि सैकड़ों महिलाएं देवी स्वरूप में सुसज्जित होकर कलश और ध्वज के साथ माता का गुणगान करती हुई चल रही थीं। आगे दिव्यांग बंधु ट्राई साइकिल पर सवार होकर माता के जयकारे लगा रहे थे, जो सामाजिक समरसता और आस्था के संगम का प्रतीक बना। शोभायात्रा में सजी माता की दिव्य झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। पीछे-पीछे हजारों की संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे भजन-कीर्तन करते हुए चल रहे थे।
आश्रम परिसर पहुंचने पर महामंडलेश्वर मुक्तेश्वर गिरी जी महाराज एवं महामंडलेश्वर साध्वी मुक्तेश्वरी गिरी ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ माता अष्टभुजी की प्रतिमा का पूजन कर प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई। इसके साथ ही आश्रम में आयोजित आठ दिवसीय महायज्ञ, हवन एवं विशेष वैदिक अनुष्ठानों का विधिवत शुभारंभ हुआ।
मंदिर परिसर में रात्रि तक भजन-कीर्तन का कार्यक्रम चलता रहा। श्रद्धालुओं के लिए दिव्य भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालु देर रात तक धार्मिक आयोजनों में शामिल रहे।
इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के महानगर अध्यक्ष राजेश मिश्र, विहिप के पूर्व प्रांत सह प्रचार प्रमुख डॉ. लोकनाथ पांडेय, दुर्गा देवी, चारू शीला, सीमा तिवारी, भावना सिंह, आनंद पांडेय, सीमा चौधरी, श्यामा सिंह, ममता, विभा, साधना, बीना, प्रियंका सिंह, बिंदु देवी सहित बड़ी संख्या में साधु-संत, संन्यासी और विभिन्न मंदिरों के महंत उपस्थित रहे। आगंतुक अतिथियों का स्वागत महामंडलेश्वर साध्वी मुक्तेश्वरी गिरी महाराज ने किया।
आयोजकों के अनुसार आगामी आठ दिनों तक आश्रम परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, धार्मिक प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। काशी में आयोजित इस भव्य धार्मिक समारोह ने एक बार फिर सनातन परंपरा की जीवंतता और जन-आस्था की शक्ति को उजागर किया।
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